आईआरसीटीसी (IRCTC) घोटाला से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में राऊज एवेन्यु कोर्ट के स्पेशल जज विशाल गोगने ने की कोर्ट 11 अप्रैल को आरोप तय करने को लेकर फैसला सुनाएगा.
लालू प्रसाद के खिलाफ आरोप तय
इस मामले में पूर्व रेलमंत्री लालू प्रसाद यादव, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव सहित 16 आरोपी है. ईडी द्वारा दायर चार्जशीट में लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, मीसा भारती, हेमा यादव, तेज प्रताप यादव सहित अन्य के खिलाफ चार्जशीट दायर किया है.
इससे पहले सीबीआई के मामले में लालू प्रसाद यादव सहित अन्य के खिलाफ आरोप तय हो चुका है. ट्रायल चल रहा है. जिन धाराओं के तहत लालू पर आरोप तय किया था, उनमे शामिल है IPC 420, IPC 120B, प्रीवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट की धारा 13(2) और 13 (1)(d).
CBI के पास पर्याप्त सबूत नहीं
मामले में आरोपियों में आईआरसीटीसी के पूर्व ग्रुप जनरल मैनेजर वीके अस्थाना, आर के गोयल, सुजाता होटल्स के निदेशक विजय कोचर और विनय कोचर भी शामिल है. मामले की सुनवाई के दौरान लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव ने कहा था कि उनके खिलाफ सीबीआई के पास पर्याप्त सबूत नहीं है.
उन्होंने सभी आरोपों को खारिज कर दिया था. सीबीआई ने 28 फरवरी को अदालत में कहा था कि उसके पास अभियुक्तों के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हैं.
क्या था मामला?
बता दें कि IRCTC का मामला लैंड फॉर जॉब मामले से अलग है. IRCTC घोटाला भी 2004 में लालू प्रसाद यादव के रेल मंत्री रहते हुए था. दरअसल रेलवे बोर्ड ने उस वक्त रेलवे की कैटरिंग और रेलवे होटलों की सेवा को पूरी तरह IRCTC को सौप दिया था. इस दौरान रांची और पूरी के बीएनआर होटल के रखरखाव, संचालन और विकास को लेकर जारी टेंडर में अनियमितताएं किए जाने की बात सामने आई थी.
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-भारत एक्सप्रसे
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