दिल्ली के सभी निचली अदालतों के वकील की हड़ताल अभी भी जारी है. वकील दिल्ली के उपराज्यपाल की ओर से दायर अधिसूचना के खिलाफ लगातार प्रदर्शन कर रहे है. हड़ताल कर रहे वकीलों का मानना है कि एलजी द्वारा जारी अधिसूचना के चलते पुलिस को असीमित शक्तियां मिल गई है.
निष्पक्ष सुनवाई संभव नही
एलजी द्वारा जारी नई नीति के तहत पुलिस अधिकारियों को अदालत में पेश होने की आवश्यकता नही है. गवाही पुलिस स्टेशन से ही देने की अनुमति मिल गई है. इसको लेकर वकीलों का मानना है कि इस अधिसूचना के बाद सजा के दर में बढोत्तरी होगी और निष्पक्ष सुनवाई संभव नही है.
वकीलों का आरोप है कि एलजी के इस कदम से गवाही की पवित्रता और स्वतंत्रता पर गंभीर खतरा है. उनका यह भी मानना है कि दिल्ली में यह नीति लागू करने के बाद पूरे देश में योजना को लागू किया जा सकता है.
बता दें कि दिल्ली के निचली अदालतों के सभी बार एसोसिएशनों के संगठन कॉर्डिनेशन कमेटी ऑफ ऑल डिस्ट्रिक्ट कोर्ट बार एसोसिएशनो के आह्वान पर 22 अगस्त से वकील न्यायिक कार्यों का बहिष्कार कर रहें हैं.
वकील बना रहे सड़क प्रदर्शन योजना
वकीलों की माने तो अब वो सड़कों पर प्रदर्शन और उपराज्यपाल का दफ्तर का घेराव करने का प्लान बना रहे है. वही निचली अदालतों के वकीलों के समर्थन में दिल्ली हाई कोर्ट बार एसोसिएशन भी खड़ा है.
डीएचसीबीए ने उपराज्यपाल द्वारा जारी आदेश का विरोध करते हुए इसे कानून की मूल भावना के खिलाफ बताया है. आदेशों के वापस लेने की मांग करते हुए डीएचसीबीए के सचिव विक्रम सिंह पवार ने कहा कि इसे लागू करने से ट्रायल प्रक्रिया खतरे में पड़ जाएगी.
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-भारत एक्सप्रेस
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