Bharat Express DD Free Dish

ऑपरेशन सिंदूर पर विवादित पोस्ट मामले में एसोसिएट प्रोफेसर मोहम्मद अमीर की याचिका पर नवंबर में होगी सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट ने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर विवादित पोस्ट करने वाले एसोसिएट प्रोफेसर मोहम्मद अमीर अजमद अली खान महमूदाबाद की ओर से दायर याचिका पर नवंबर को सुनवाई करेगा.

Edited by Vaibhav Gupta

Operation Sindoor post case: सुप्रीम कोर्ट ने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर विवादित पोस्ट करने वाले एसोसिएट प्रोफेसर मोहम्मद अमीर अजमद अली खान महमूदाबाद की ओर से दायर याचिका पर नवंबर को सुनवाई करेगा. जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ मामले में सुनवाई कर रही है.

अली खान के खिलाफ दो एफआईआर

पिछली सुनवाई में कोर्ट ने निचली अदालत की कार्यवाही पर रोक लगा दिया था. कोर्ट ने कहा था कि अभी इस केस में निचली अदालत दायर चार्जशीट पर संज्ञान न ले, आरोप तय न किए जाए. मामले की सुनवाई के दौरान हरियाणा पुलिस की ओर से बताया गया है अली खान के खिलाफ दो एफआईआर दर्ज की गई थी. एक केस में पुलिस ने क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की है, दूसरे केस में चार्जशीट दाखिल की गई है.

अली की ओर से पेश वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने कहा था कि धारा 152 की संवैधानिकता से संबंधित मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है. उसके बावजूद इसका इस्तेमाल हो रहा है. यह दुर्भाग्यपूर्ण है. पिछली सुनवाई में कोर्ट ने अली की गिरफ्तारी पर रोक लगा दिया था. साथ ही कोर्ट ने एसआईटी को फटकार लगाते हुए जांच को दो एफआईआर तक ही सीमित रखने का आदेश दिया था.

भाषा-अभिव्यक्ति में अपराध के पहलुओं की जांच

कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा था कि आपको प्रोफेसर की जरूरत नहीं है, आपको डिक्शनरी की जरूरत है. कोर्ट ने कहा था कि एसआईटी को अब महमूदाबाद को दोबारा पूछताछ के लिए तलब करने की आवश्यकता नहीं है. कोर्ट ने एसआईटी को याद दिलाया था कि उसे सिर्फ पोस्ट की भाषा और अभिव्यक्ति में अपराध के पहलुओं की जांच करनी है, न कि व्यापक जांच करनी. एक निजी यूनिवर्सिटी के एसोसिएट प्रोफेसर अली खान महमूदाबाद को भाजपा युवा मोर्चा के एक नेता की शिकायत पर दिल्ली के ग्रेटर कैलाश स्थित उनके निवास से गिरफ्तार किया गया था.

अली के खिलाफ दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं. एक जठेड़ी गांव के सरपंच एवं भाजपा युवा मोर्चा के सदस्य योगेश जठेड़ी ने राई थाने में दर्ज कराई है. जबकि दूसरी राज्य महिला आयोग की तरफ से डीजीपी को शिकायत दी गई थी. राज्य महिला आयोग ने मध्य प्रदेश में एक मंत्री के खिलाफ हाई कोर्ट के टिप्पणी का हवाला देकर महमूदाबाद के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की थी.

महिला आयोग ने लिया स्वतः संज्ञान

महिला आयोग ने अली खान द्वारा की गई टिप्पणी को स्वतः संज्ञान लेते हुए सोनीपत की अशोका यूनिवर्सिटी के सहायक प्रोफेसर को 48 घंटे में दफ्तर में पेश होने को कहा था. महमूदाबाद ने दोनों सैन्य अधिकारियों के साथ-साथ सेना के नियमों पर भी आपत्तिजनक टिप्पणी की थी.

अली खान ने सोशल मीडिया पर ऑपरेशन सिंदूर से संबंधित टिप्पणी करते हुए महिला सैन्य अधिकारियों कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह की भूमिका को नकरात्मक रूप से प्रस्तुत किया. राज्य महिला आयोग का कहना था कि उनके बयानों में नरसंहार, अमानवीयता और पाखंड जैसे शब्दों का प्रयोग करते हुए भारतीय सेना एवं सरकार की मंशा पर साम्प्रदायिक दुर्भावना से प्रेरित आरोप लगाए गए.

ये भी पढ़ें: पश्चिम बंगाल सरकार को सुप्रीम कोर्ट से राहत, केंद्र सरकार की याचिका को किया खारिज

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read