सुप्रीम कोर्ट ने अहमदाबाद एयर इंडिया हादसा मामले में जान गंवाने वाले पायलट सुमित सभरवाल के पिता पुष्कराज की ओर से दायर याचिका पर केंद्र सरकार सहित अन्य को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने कहा कि इसी तरह की एक याचिका पहले से लंबित है. उसी के साथ सुनवाई होगी. कोर्ट 10 नवंबर को सुनवाई करेगा. पायलट के 91 वर्षीय पिता की ओर से दायर याचिका में हादसे की निष्पक्ष, पारदर्शी जांच के लिए अदालत की निगरानी में एसआईटी जांच की मांग की है.
दायर याचिका में कहा गया है कि सरकार द्वारा की गई प्रारंभिक जांच पक्षपातपूर्ण और तकनीकी रूप से त्रुटिपूर्ण है. जांच में पायलट की गलती बताया गया है, जबकि तकनीकी खराबियों को नजरअंदाज किया गया है. दायर याचिका में यह भी.मांग की गई है कि AAIB द्वारा की गई सभी पहले की जांच को बंद कर दिया जाए.
याचिका में दावा किया गया है कि AAIB के दो अधिकारियों ने यह आरोप लगाया था कि उनके बेटे ने उड़ान भरने के बाद इंजनों की ईंधन आपूर्ति बंद कर दी थी. एक ऐसा आरोप जिसका सरकार खंडन करती है. जांच बहुत साफ और बहुत गहन बताती है. सभरवाल ने हालही में केंद्र सरकार को एक भावुक पत्र लिखा है.
रिपोर्ट में एयरलाइंस को क्लीनचिट दे दी गई है तथा सारा दोष पायलट पर डाल दिया गया है. इसलिए उन्होंने मांग की है कि एएआईबी इस दुर्घटना की पूरी जांच रिपोर्ट जारी करें, जिसने पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया है. उन्होंने कहा कि मीडिया में ऐसी खबरें आई है कि पायलट अवसाद में था और उसने जानबूझकर विमान किराया. उनका कहना है कि इन खबरों ने उनके बेटे की छवि खराब की है.
निष्पक्ष जांच की मांग और पायलट पर लगे आरोप
बता दें कि अहमदाबाद एयरपोर्ट से विमान भरने के महज 5 मिनट बाद ही यह विमान शहर के मेघाणी नगर इलाके में दुर्घटनाग्रस्त हो गया. इस विमान में 242 यात्री और 10 क्रू सदस्य सवार थे. इनमें 53 ब्रिटिश, 7 पुर्तगाली और एक कनाडाई नागरिक था. अधिकत्तर शव बुरी तरह से झुलस चुके है. इनकी पहचान करना मुश्किल है.
हादसे में कई दिग्गज सवार
इस विमान में गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रुपाणी के अलावा कई बिजनेस टायकून भी सवार थे. इनमें कार्गों मोटर के प्रमुख नंदा और ल्यूबी के डायरेक्टर सुभाष अमीन भी शामिल थे. विमान की कमान कैप्टन सुमित सभरवाल के पास थी और उसके साथ फर्स्ट ऑफिसर क्लाईव कुंदर थे.
-भारत एक्सप्रेस
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