National Herald Money Laundering Case: नेशनल हेराल्ड से जुड़ा मनी लॉन्ड्रिंग मामले में राऊज एवेन्यु कोर्ट 12 जुलाई को अगली सुनवाई करेगा. मामले की सुनवाई के दौरान ईडी की ओर से पेश एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने राहुल गांधी, सोनिया गांधी के इस दावे को खारिज कर दिया कि उनके पास सम्पत्तियों पर कोई नियंत्रण नहीं है.
एएसजी एसवी राजू ने राहुल गांधी और सोनिया गांधी के बयानों को भ्रामक बताया. उन्होंने कहा कि शेयरधारकों को परिसंपत्तियों का अधिकार नहीं होने के बारे में एक भ्रामक और गलत बयान दिया गया है.
ऋण को दिखावटी लेनदेन बताया था
पिछली सुनवाई में यंग इंडियन कंपनी की ओर से पेश वकील ने कोर्ट को बताया कि आयकर विभाग ने नेशनल हेराल्ड समाचार पत्र की प्रकाशन एसोसिएट्स जर्नल्स लिमिटेड को दिए गए 90 करोड़ रुपये के कथित ऋण को दिखावटी लेनदेन बताया था और कहा था कि पैसे कहीं नहीं गए. लेकिन उसके बावजूद ईडी के आधार बन गया.
एजेएल के वकील माधव खुराना ने कहा कि मामले में ऋण की अदायगी, ब्याज और अन्य दस्तावेज ईडी की ओर से दबा दिया दिए गए थे. उन्होंने सवाल उठाया कि वह दो हजार रुपये के आंकड़े पर कैसे पहुचे? उन्होंने कहा कि आयकर विभाग के अनुसार 90 करोड़ रुपये का ऋण एक दिखावटी लेनदेन था और पैसा कहीं नहीं गया.
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एसोसिएट्स जर्नल्स लिमिटेड कंपनी का जिक्र
एएसजी राजू ने कहा था कि एसोसिएट्स जर्नल्स लिमिटेड नाम की एक कंपनी थी, जो मुनाफा नहीं कमा रही थी, लेकिन उसके पास करीब 2000 करोड़ रुपए की संपत्तियां थी. उसे अपने दिन प्रतिदिन के खर्च चलाने में कठिनाई हो रही थी. उन्होंने दावा किया था कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने ही 2000 करोड़ की संपत्ति हड़पने की साजिश रची थी.
एएसजी राजू ने यह भी कहा था कि इस मामले में सोनिया गांधी और राहुल गांधी ही मुख्य आरोपी है. उन्होंने कहा था कि यंग इंडिया बनाने की साजिश रची गई थी. जिसमें सोनिया गांधी और राहुल गांधी के 76%शेयर थे, ताकि कांग्रेस से लिए गए 90 करोड़ रुपए के कर्ज के लिए 2000 करोड़ रुपए की संपत्ति को हड़पी जा सके.
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