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जेपी एसोसिएट्स के ‘बॉस’ बनेंगे अडाणी: NCLAT ने वेदांता की अर्जी की रद्द, 14,535 करोड़ के प्लान पर लगी मुहर

NCLAT ने अडाणी ग्रुप द्वारा जयप्रकाश एसोसिएट्स (JAL) के लिए लगाई गई 14,535 करोड़ रुपये की सफल बोली पर मुहर लगा दी है. अदालत ने प्रतिद्वंद्वी कंपनी वेदांता की याचिका को खारिज करते हुए कहा कि कर्जदाताओं की कमेटी (CoC) की प्रक्रिया पूरी तरह वैध थी

NCLAT upholds Adani's bid for Jaiprakash Associates; dismisses Vedanta's challenge

भारी कर्ज के बोझ तले दबी कंपनी जयप्रकाश एसोसिएट्स लिमिटेड (JAL) के भविष्य को लेकर चल रही कानूनी जंग अब अपने अंजाम तक पहुंच गई है. नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल (NCLAT) ने अडाणी ग्रुप की बोली को हरी झंडी दे दी है और दिग्गज कारोबारी अनिल अग्रवाल की कंपनी वेदांता लिमिटेड की आपत्तियों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है. इस फैसले के साथ ही अब जेपी एसोसिएट्स के अधिग्रहण और इसके पुनरुद्धार का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है.

क्या था पूरा विवाद?

दरअसल, अडाणी ग्रुप ने जेपी एसोसिएट्स के लिए 14,535 करोड़ रुपये का रेजोल्यूशन प्लान पेश किया था, जिसे क्रेडिटर्स की कमेटी (CoC) ने मंजूरी दे दी थी. लेकिन वेदांता ने इस फैसले को चुनौती देते हुए दावा किया कि उनका प्रस्ताव बेहतर है और उसकी नेट प्रेजेंट वैल्यू (NPV) करीब 12,505 करोड़ रुपये है. वेदांता का तर्क था कि उनके प्रस्ताव पर सही ढंग से विचार नहीं किया गया.

अदालत ने क्या कहा?

जस्टिस (रिटायर्ड) अशोक भूषण और तकनीकी सदस्य बरुण मित्रा की पीठ ने मामले की बारीकी से सुनवाई करने के बाद नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) के पुराने फैसले को ही बरकरार रखा. ट्रिब्यूनल ने दो टूक शब्दों में कहा कि क्रेडिटर्स की कमेटी (CoC) ने 14 नवंबर 2025 की मीटिंग में जो फैसला लिया, उसमें कोई कानूनी खामी नहीं है. अदालत ने साफ किया कि जब कर्जदाताओं की कमेटी कोई व्यावसायिक फैसला (Commercial Decision) लेती है, तो उसमें बेवजह हस्तक्षेप नहीं किया जाना चाहिए.

57,000 करोड़ का था कर्ज

आपको बता दें कि जयप्रकाश एसोसिएट्स की माली हालत काफी समय से खराब चल रही थी. कंपनी पर करीब 57,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का कर्ज बकाया था, जिसे चुकाने में कंपनी नाकाम रही. इसके बाद जून 2024 में इलाहाबाद बेंच के आदेश पर कंपनी के खिलाफ दिवाला प्रक्रिया (Insolvency Proceedings) शुरू की गई थी.

अडाणी के लिए बड़ी जीत

अपीलेट ट्रिब्यूनल के इस फैसले के बाद अब अडाणी ग्रुप जेपी एसोसिएट्स के रेजोल्यूशन प्लान को लागू कर सकेगा. इससे पहले अदालत ने अडाणी के प्लान पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था, जिससे संकेत मिल गए थे कि मामला अडाणी के पक्ष में झुक सकता है.

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-भारत एक्सप्रेस



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