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‘शिक्षा मौलिक अधिकार, वंचित नहीं कर सकते’, पेपर लीक आरोपी को कोर्ट ने दी परीक्षा और बहन की शादी में जाने की इजाजत

राऊज एवेन्यू कोर्ट ने नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले के आरोपी यश यादव को राहत देते हुए 21 जून को होने वाली परीक्षा में शामिल होने और अपनी बहन की शादी में भाग लेने की अनुमति दे दी है.

Rouse Avenue Court

नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले में आरोपी यश यादव को राऊज एवेन्यु कोर्ट से फिलहाल राहत मिल गई है. कोर्ट ने 21 जून को होने वाले नीट यूजी परीक्षा में भाग लेने की अनुमति दे दिया है. साथ ही कोर्ट ने अपनी बहन की शादी में भाग लेने की अनुमति भी दे दिया है. कोर्ट ने यश यादव को अपने पास किताब रखने की अनुमति दे दिया है.

हालांकि इस पूरे दौरान यश यादव पुलिस कस्टडी में ही रहेगा. फैसला सुनाते हुए कोर्ट ने कहा कि शिक्षा एक मौलिक अधिकार है, इससे किसी को वंचित नही किया जा सकता है. यश यादव ने दोबारा नीट यूजी परीक्षा में शामिल होने और अपनी बहन की शादी में भाग लेने के लिए 15 दिन की अंतरिम जमानत मांगी थी. मामले की सुनवाई के दौरान सीबीआई ने बताया था कि यश यादव को टेलीग्राफ के जरिये पेपर मिले.

सीबीआई ने कोर्ट को यह भी बताया था कि टेलीग्राफ और व्हाट्सएप के जरिये जो पेपर बरामद हुए हैं, वो नीट में आने वाले पेपर के हूबहू है. यश यादव का फोन भी बरामद किया गया है, जिससे इंक्रिमिनेटिंग सबूत मिले. सीबीआई ने बताया था कि हमें व्यापक साजिश की जांच करनी है. इसमें पब्लिक सर्वेंट या सरकारी कर्मचारी की क्या भूमिका है, प्रिंटिंग प्रेस की भूमिका क्या है? ये सब जांचने के लिए हमें आरोपियों की रिमांड लेनी है.

नासिक से शुभम खैरनार की गिरफ्तारी

शुभम ने यश यादव को प्रश्न पत्र दिए थे. सीबीआई ने शुभम खैरनार को नासिक से, मांगीलाल बिवाल, विकास बिवाल दिनेश बिवाल को जयपुर राजस्थान से और यश यादव को हरियाणा से गिरफ्तार किया गया था. सीबीआई द्वारा दर्ज एफआईआर में आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और लोक परीक्षा (अनुचित साधनों से निवारण) अधिनियम, 2024 की अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है.

सूत्रों के मुताबिक मास्टर माइंड दिनेश लंबे समय से प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े नेटवर्क के संपर्क में था. जांच एजेंसियों के सामने सबसे चौंकाने वाला तथ्य यह आया है कि दिनेश के परिवार के पांच बच्चों का वर्ष 2025 में सरकारी मेडिकल कॉलेजों के एमबीबीएस पाठ्यक्रम में चयन हुआ था. खुद आरोपी ने भी सोशल मीडिया पर नवंबर 2025 में इसे परिवार के लिए गर्व का विषय बताते हुए पोस्ट किया था.

सीबीआई यह पता लगाने में जुड़ी है कि कहीं इन अभ्यर्थियों को भी अवैध तरीके से 2025 की परीक्षा में लाभ तो नही पहुचाया गया था. फिलहाल सीबीआई की टीम पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी हुई है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पेपर लीक की जड़े कितनी गहरी हैं.

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-भारत एक्सप्रेस



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