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NEET-UG मामला: मनीषा वाघमारे की जमानत याचिका खारिज, यश यादव पर CBI को नोटिस

दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले में आरोपी मनीषा वाघमारे की जमानत अर्जी खारिज कर दी है. सीबीआई जांच में सामने आया है कि पेपर लीक की मुख्य कड़ी लातूर के रिटायर्ड प्रोफेसर पी. वी. कुलकर्णी थे.

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नीट यूजी 2026 पेपर लीक मामले में आरोपी मनीषा वाघमारे को राऊज एवेन्यु कोर्ट से झटका लगा है. कोर्ट ने मनीषा वाघमारे की ओर से दायर जमानत याचिका को यह कहते हुए खारिज कर दिया है कि जांच अभी प्रारंभिक स्तर पर है. पिछले दिनों कोर्ट ने दोनों पक्षों की जिरह के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था. सीबीआई के विशेष न्यायाधीश अजय गुप्ता ने यह फैसला सुनाया है.

जमानत पर सीबीआई से मांगा जवाब

वहीं इसी मामले में गिरफ्तार अन्य आरोपी यश यादव की ओर से दायर अंतरिम जमानत याचिका पर कोर्ट ने सीबीआई को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. यश यादव ने अपनी बहन की शादी और 21 जून को होने वाले नीट परीक्षा के लिए 15 दिनों के लिए अंतरिम जमानत की मांग की है. कोर्ट यश यादव की ओर से दायर अंतरिम जमानत याचिका पर 12 जून को सुनवाई करेगा.

ट्रांजेक्शन से खुली साजिश की परतें

सीबीआई के अनुसार मनीषा ने सह-आरोपी पी. वी. कुलकर्णी के साथ मिलकर नीट यूजी परीक्षा का प्रश्नपत्र हासिल करने और उसे आगे प्रसारित करने की साजिश रची. सीबीआई ने कोर्ट को बताया था कि इस पूरे नेटवर्क में पैसों का लेन-देन हुआ है. अभी तक की जांच में करीब 6 लाख रुपए के बैंक ट्रांजेक्शन के साक्ष्य मिले हैं. साथ ही व्हाट्सएप चैट, इलेक्ट्रॉनिक डेटा और अन्य आपत्तिजनक सामग्री भी जब्त की गई है. सीबीआई के मुताबिक कुछ सबूतों को मिटाने की भी कोशिश की गई है, जिसके चलते मोबाइल फोन को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है. आरोप है कि शुभम ने यश के साथ 15 लाख रुपए में सौदा किया, जबकि यश ने आगे मांगीलाल बिवाल से दस लाख रुपये में पेपर साझा करने की डील की.

छात्रों की नोटबुक से मिला सबसे बड़ा सबूत

मामले की सुनवाई के दौरान सीबीआई ने कोर्ट को बताया था कि मनीषा वाघमारे की गिरफ्तारी के बाद कई अहम खुलासे हुए हैं. जांच के दौरान मनीषा पैसे के लेन-देन और आरोपियों के संपर्कों को लेकर संतोषजनक जवाब नहीं दे सकी. मनीषा वाघमारे से हुई पूछताछ के बाद रिटायर्ड प्रोफेसर पी. वी. कुलकर्णी की भूमिका का पता चला है. मनीषा वाघमारे अपने घर पर छात्रों को नीट की तैयारी करवाती थी. आरोप है कि कुलकर्णी से प्रश्नपत्र मिलने के बाद उसने छात्रों के लिए विशेष क्लास लगाई और संभावित सवालों के साथ उनके सही उत्तर भी बताए. जांच में सबसे बड़ा सबूत छात्रों की नोटबुक बनी, जिसमें लिखे कई सवाल हूबहू वही पाए गए जो असली नीट परीक्षा में पूछे गए थे.

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रिटायर्ड प्रोफेसर कुलकर्णी था प्रश्नपत्र तैयार करने वाली कमेटी का सदस्य

वहीं सीबीआई ने कुलकर्णी को महाराष्ट्र के लातूर से गिरफ्तार किया है. आरोपी पी. वी. कुलकर्णी लातूर के दयानंद कॉलेज में केमिस्ट्री का प्रोफेसर था और चार साल पहले सेवानिवृत्त होने के बाद नीट के प्रश्नपत्र तैयार करने वाली कमेटी में था. कुलकर्णी कमेटी का सदस्य होने के कारण अप्रैल के अंतिम सप्ताह में प्रश्नपत्र लग गया और उसके बाद पुणे की मनीषा वाघमारे के सहारे उसने उसे लीक कर दिया.



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