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नीट-यूजी 2026 पेपर लीक: मास्टरमाइंड प्रोफेसर पीवी कुलकर्णी के खुलासे के बाद CBI को दो अन्य प्रोफेसरों की तलाश

नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले में मास्टरमाइंड पीवी कुलकर्णी ने ऐसे राज उगले हैं कि सीबीआई भी हैरान है। क्या 2025 में भी इसी गैंग ने एमबीबीएस की सीटें बेची थीं? जानिए इस पूरे रैकेट की इनसाइड स्टोरी

CBI officer conviction case

नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले में गिरफ्तार मास्टरमाइंड रिटायर्ड प्रोफेसर पीवी कुलकर्णी ने कई अहम खुलासे किए हैं. जिसके बाद सीबीआई ने दो अन्य सहयोगी प्रोफेसरों की तलाश तेज कर दी है. सूत्रों के मुताबिक पीवी कुलकर्णी और मनीषा वाघमारे के साथ दो और प्रोफेसरों का पेपर लीक कराने में अहम रोल रहा है. जिनकी तलाश में पुणे और लातूर में सीबीआई लगातार छापेमारी कर रही है.

नोटबुक में लिखवाए गए थे सवाल और जवाब

जानकारी के मुताबिक पीवी कुलकर्णी के साथ नीट यूजी परीक्षा कराने में दोनों प्रोफेसर जुड़े थे. पुणे इंस्टीट्यूट में सभी पीवी कुलकर्णी, मनीषा और कुलकर्णी के दो साथी प्रोफेसरों ने छात्रों को अलग-अलग सवाल और उनके करेक्ट जवाब नोटबुक में नोट करवाए थे.

सीज हुआ बैंक अकाउंट और किंगपिन का खुलासा

अभी तक की जांच में पता चला है कि मनीषा वाघमारे का एक नया बैंक अकाउंट खुलवाया गया था, जिसमें छात्रों से लाखों रुपए ट्रांसफर करवाये गए थे, इस अकाउंट को सीबीआई ने सीज कर लिया है. देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले में सीबीआई ने बड़ा खुलासा किया है. सीबीआई इस मामले में गिरफ्तार पीवी कुलकर्णी को किंगपिन मान रही है.

2025 की परीक्षा पर भी उठे सवाल

इस मामले में गिरफ्तार दिनेश लंबे समय से प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े नेटवर्क के संपर्क में था. जांच एजेंसियों के सामने सबसे चौंकाने वाला तथ्य यह आया है कि दिनेश के परिवार के पांच बच्चों का वर्ष 2025 में सरकारी मेडिकल कॉलेजों के एमबीबीएस पाठ्यक्रम में चयन हुआ था. खुद आरोपी ने भी सोशल मीडिया पर नवंबर 2025 में इसे परिवार के लिए गर्व का विषय बताते हुए पोस्ट किया था. सीबीआई यह पता लगाने में जुटी है कि कहीं इन अभ्यर्थियों को भी अवैध तरीके से 2025 की परीक्षा में लाभ तो नहीं पहुंचाया गया था.

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दोबारा आयोजित होगी परीक्षा

फिलहाल सीबीआई की टीम पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी हुई है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पेपर लीक की जड़ें कितनी गहरी हैं. करीब 22 लाख छात्रों ने इस साल नीट-यूजी परीक्षा दी थी. लेकिन पेपर लीक के आरोप सामने आने के बाद परीक्षा रद्द कर दी गई. अब यह परीक्षा दोबारा 21 जून को आयोजित की जाएगी.



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