Bharat Express DD Free Dish

NEET Paper Leak: क्या मनीषा वाघमारे को मिलेगी जमानत? 9 जून को कोर्ट सुनाएगा फैसला, ‘नोटबुक’ खोल सकती है कई और राज

नीट-यूजी पेपर लीक मामले में आरोपी मनीषा वाघमारे की जमानत याचिका पर राऊज एवेन्यू कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है.

rouse avenue court

NEET Paper Leak: नीट यूजी पेपर लीक मामले में आरोपी मनीषा वाघमारे की ओर से दायर जमानत याचिका पर राऊज एवेन्यु कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है. सीबीआई की विशेष न्यायाधीश अजय गुप्ता ने सभी पक्षों की जिरह के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया है. कोर्ट 9 जून को जमानत पर फैसला सुनाएगा. पिछले दिनों वाघमारे को 10 दिन की सीबीआई रिमांड खत्म होने के बाद 9 जून तक नके लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया था.

सीबीआई के अनुसार मनीषा ने सह-आरोपी पीवी कुलकर्णी के साथ मिलकर नीट यूजी परीक्षा का प्रश्नपत्र हासिल करने और उसे आगे प्रसारित करने की साजिश रची. सीबीआई ने कोर्ट को बताया था कि इस पूरे नेटवर्क में पैसों का लेन देन हुआ है. अभी तक के जांच में करीब 6 लाख रुपए के बैंक ट्रांजेक्शन के साक्ष्य मिले हैं. साथ ही व्हाट्सएप चैट, इलेक्ट्रॉनिक डाटा और अन्य आपत्तिजनक सामग्री भी जब्त की गई है.

मोबाइल फोन फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया

सीबीआई के मुताबिक कुछ सबूतों को मिटाने की भी कोशिश की गई है. जिसके चलते मोबाइल फोन को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है. आरोप है कि शुभम ने यश के.साथ 15 लाख रुपए में.सौदा किया, जबकि यश ने आगे मांगीलाल बिवाल से दस लाख रुपये में पेपर साझा करने की डील की. मामले की सुनवाई के दौरान सीबीआई ने कोर्ट को बताया था कि मनीषा वाघमारे की गिरफ्तारी के बाद कई अहम खुलासे हुए है. जांच के दौरान मनीषा पैसे के लेन देन और आरोपियों के संपर्कों को लेकर संतोषजनक जवाब नहीं दे सकी. मनीषा वाघमारे से हुई पूछताछ के बाद रिटायर्ड प्रोफेसर पीवी कुलकर्णी की भूमिका का पता चला है. मनीषा वाघमारे अपने घर पर छात्रों को नीट की तैयारी करवाती थी.

आरोप है कि कुलकर्णी से प्रश्नपत्र मिलने के बाद उसने छात्रों के लिए विशेष क्लास लगाई और संभावित सवालों के साथ उनके सही उत्तर भी बताए. जांच में सबसे बड़ा सबूत छात्रों की नोटबुक बनी, जिसमें लिखे कई सवाल हूबहू वही पाए गए जो असली नीट परीक्षा में पूछे गए थे. वही सीबीआई ने कुलकर्णी को महाराष्ट्र के लातूर से गिरफ्तार किया है.

आरोपी पीवी कुलकर्णी लातूर के दयानंद कॉलेज में केमेस्ट्री का प्रोफेसर था और चार साल पहले सेवानिवृत्त होने के बाद नीट के प्रश्नपत्र तैयार करने वाली कमेटी में था. कुलकर्णी कमेटी का सदस्य होने के कारण अप्रैल के अंतिम सप्ताह में प्रश्नपत्र लग गया और उसके बाद पुणे की मनीषा बाघमारे के सहारे उसने उसे लीक कर दिया.

यह भी पढ़ें: सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: पत्नी से सिर्फ 13 दिन बात न करना क्रूरता नहीं,आरोपी पति को किया बरी

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read