Bharat Express DD Free Dish

जेईई (मुख्य) 2025 परीक्षा के आयोजन में कथित खामियों को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर

जेईई (मुख्य) 2025 परीक्षा में उत्तरों के मूल्यांकन में कथित खामियों को लेकर एक छात्र ने दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर की है. याचिका में एनटीए की प्रणाली में सुधार और दोबारा मूल्यांकन की मांग की गई है.

Delhi High Court
Edited by Akansha

जेईई (मुख्य) 2025 परीक्षा के आयोजन में कथित खामियों और विसंगतियों की जांच की मांग को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई है. यह याचिका एक उम्मीदवार शशांक शेखर पांडे ने दाखिल की है. याचिका पर जस्टिस विकास महाजन की बेंच आज सुनवाई करेगी.

17 प्रश्नों के मूल्यांकन में गड़बड़ी का दावा

याचिका में कहा गया है कि उन्होंने हाल ही में आयोजित जेईई (मुख्य) परीक्षा में कुल 46 प्रश्नों का हल किया था, लेकिन राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) की अपलोड की गई शीट में केवल 29 प्रश्नों के हल करने की बात कही गई है. इसका मतलब यह है कि 65 अंकों के 17 प्रश्नों के हल का मूल्यांकन शामिल नहीं किया गया है. इस वजह से उसे अनुचित तरीके से 88.5434015 स्कोर दिया गया है. यह उसके प्राप्त अंकों से काफी कम है. अगर उसके सभी उत्तरों पर विचार किया गया होता तो उसका स्कोर बेहतर होता. उससे उसे अपूरणीय क्षति हुई है.

एनटीए की प्रणाली में सुधार की मांग

याचिकाकर्ता ने यह भी कहा है कि एनटीए की उत्तर पुस्तिका में गलतियां हैं, जिसे ठीक किया जाना चाहिए. यह पहला मामला नहीं है जब जेईई परीक्षाओं की गलतियों को उजागर किया गया है, बल्कि यह एक सामान्य घटना है और कई छात्र ऐसी त्रुटियों के कारण पीड़ित हैं. इसलिए राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए)  परीक्षाओं केपंजीकरण की समय सीमा बढ़ाने एवं ऐसी समस्याओं से निपटने के लिए एक प्रभावी शिकायत निवारण तंत्र बनाने का निर्देश दिया जाए. साथ ही उसके सही उत्तरों का दोबारा मूल्यांकन कर उसके आधार पर नए सिरे से अंक दिए जाएं.

-भारत एक्सप्रेस 



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read