AI द्वारा बनाई गई तस्वीर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नए कार्यालय ‘सेवा तीर्थ’ से अपने पहले बड़े फैसलों में पीएम राहत योजना को मंजूरी दी है. इस योजना से सड़क हादसे में घायल लोगों को 1.5 लाख रुपये तक कैशलेस इलाज मिलेगा. इसका मकसद है कि तुरंत इलाज न मिलने से किसी की जान न जाए.
पीएम राहत योजना का पूरा नाम प्रधानमंत्री रोड एक्सीडेंट विक्टिम्स हॉस्पिटलाइजेशन एंड एश्योर्ड ट्रीटमेंट (PM RAHAT) है. यह योजना 14 फरवरी 2026 को मंजूर हुई. प्रधानमंत्री मोदी ने सेवा तीर्थ से फाइलों पर हस्ताक्षर किए. योजना हर नागरिक के लिए है और सड़क हादसे के पीड़ितों को तुरंत मदद देगी.
ये होंगी राहत योजना की सुविधाएं
योजना के तहत पीड़ितों को 1.5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज मिलेगा. अस्पताल में कोई पैसे नहीं देने होंगे. सरकार पूरा खर्च उठाएगी. गैर-जानलेवा मामलों में 24 घंटे तक और जानलेवा मामलों में 48 घंटे तक स्टेबिलाइजेशन ट्रीटमेंट दिया जाएगा. कुल इलाज 7 दिनों तक कवर होगा. कोई रजिस्ट्रेशन, बीमा या आय प्रमाण पत्र की जरूरत नहीं है.
कैसे काम करेगी राहत योजना
हादसे के बाद पीड़ित को पैनल वाले अस्पताल में ले जाया जाएगा. वहां कैशलेस इलाज मिलेगा. अस्पताल इलाज के बाद डिजिटल तरीके से क्लेम करेगा और सरकार से पैसे लेगा. यह योजना ‘गोल्डन आवर’ में जान बचाने पर फोकस करती है. लंबे समय के रिहैबिलिटेशन के लिए अलग फंड की जरूरत पड़ सकती है.
हादसों का नुकसान कम होगा
यह योजना सड़क हादसों में मौतों को रोकने में मदद करेगी. भारत में हर साल हजारों लोग हादसों में मरते हैं क्योंकि इलाज में देरी होती है या पैसे नहीं होते. पीएम राहत से आर्थिक बोझ कम होगा और परिवारों को राहत मिलेगी. केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इसे जीवनरक्षक फैसला बताया है. योजना समाज के हर वर्ग के लिए सेवा की भावना दिखाती है.
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

