नेशनल हेराल्ड से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में राऊज एवेन्यु कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है. कोर्ट 29 जुलाई को इस मामले में अपना फैसला सुनाएगा. स्पेशल जज डॉक्टर विशाल गोगने ने सभी पक्षों की जिरह के बाद फैसला सुरक्षित रखा है. कोर्ट 29 जुलाई को तय करेगा कि कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और अन्य आरोपियों को समन जारी किया जाए या नहीं.
मामले की सुनवाई के दौरान ईडी ने लगाया बड़ा आरोप
मामले की सुनवाई के दौरान ईडी ने बड़ा आरोप लगाते हुए कहा था कि कि यंग इंडियन संस्था मनी लॉन्ड्रिंग में संलिप्त है. ईडी की ओर से पेश एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एस वी राजू ने कहा था कि जो भी यंग इंडियन को डोनेशन देता था, उसे चुनाव लड़ने के लिए टिकट दिया जाता था. ईडी की ओर से यह भी कहा गया था चैरिटी के नाम पर कुछ नही हुआ, चैरिटेबल कार्य कभी शुरू ही नही हुआ. एएसजी एसवी राजू ने कहा था कि सिर्फ नाम के लिए यह संस्था चलाई गई.
बिना कोई निवेश किए करोड़ों की संपत्ति पर किया कब्जा
ईडी ने कहा था बिना कोई निवेश किए करोड़ों की संपत्ति पर कब्जा कर लिया गया. ईडी ने यह भी कहा था कि बिना एक रुपया लगाए 2000 करोड़ रुपए की संपत्ति पर कब्जा कर लिया गया. उन्होंने यह भी कहा कि एजेएल के अधिग्रहण के लिए 50 लाख रुपए डोटेक्स नामक कंपनी से मिले थे. ईडी ने यह भी आरोप लगाया था कि यंग इंडियन के जरिये राजनीतिक लाभ बांटे गए, यह केवल एक दिखावटी चैरिटेबल संस्था थी.
ईडी ने लगाया था आरोप
एएसजी एसवी राजू ने कहा था कि बिना एक पैसा निवेश किए, यंग इंडियन ने एजेएल की 2000 करोड़ रुपए की संपत्ति को हासिल कर लिया. ईडी ने आरोप लगाया था कि एजेएल की संपत्ति को हड़पने के लिए साजिश के तहत यंग इंडियन का गठन किया गया. ईडी ने कहा था कि यंग इंडियन के नाम पर दान इकठ्ठा किया गया, लेकिन चैरिटेबल का काम कभी भी जमीन पर नही उतरा.
ईडी ने कहा था कि राहुल गांधी के यंग इंडिया के डायरेक्टर बनने के बाद यंग इंडियन का AJL को पत्र लिखकर ऋण की अदायगी या उसे इक्विटी में बदलने की मांग किया था. ईडी ने यह भी कहा था कि क्या यंग इंडियन ऋण खरीदने के व्यवसाय में नहीं है, न ही नहीं यह उद्देश्य है. आप ऐसा ऋण क्यों लेंगे, उन्हें पता था कि यह वसूली योग्य है.
पिछली सुनवाई में एएसजी एसवी राजू ने दावे को किया था खारिज
पिछली सुनवाई में एएसजी एसवी राजू ने राहुल गांधी, सोनिया गांधी के इस दावे को खारिज कर दिया था कि उनके पास सम्पत्तियों पर कोई नियंत्रण नहीं है. एएसजी एसवी राजू ने राहुल गांधी और सोनिया गांधी के बयानों को भ्रामक बताया था. उन्होंने कहा था कि शेयरधारकों को परिसंपत्तियों का अधिकार नहीं होने के बारे में एक भ्रामक और गलत बयान दिया गया है.
-भारत एक्सप्रेस
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