Sambhal Violence: 24 नवंबर 2024 को संभल शाही जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान हुई हिंसा के मामले में शामिल तीन आरोपियों को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिल गई है. कोर्ट ने दानिश, फैजान, नजीर को जमानत दे दिया है.
मामले की सुनवाई के दौरान याचिककर्ताओ की ओर से पेश वकील ने कोर्ट को बताया कि इस मामले में जांच पूरी हो गई है. चार्जशीट भी दाखिल हो चुका है. निचली अदालत ने मामले में आरोप भी तय कर दिया है. लिहाजा जमानत दी जाए, जिसके बाद कोर्ट ने जमनात दे दिया है.
सुप्रीम कोर्ट से तीन आरोपियों को मिली जमानत
हिंसा के दौरान चार लोगों की मौत हो गई थी, और 29 पुलिसकर्मियों के घायल होने के मामले में कुल 80 आरोपी जेल बंद है. वही 700 से 800 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है. मामले में समाजवादी पार्टी के.सांसद जियाउर्रहमान बर्क को भी आरोपी बनाया गया है.
एसआईटी ने चंदौसी के एमपी/एमएलए में कोर्ट में करीब 1200 पेज की चार्जशीट दाखिल कर चुकी है. जिसमें जियाउर्रहमान बर्क का नाम भी शामिल है. इससे पहले एसआईटी ने तीन हजार पेज की चार्जशीट दाखिल की थी, जिसमें गैंगेस्टर शारिक साठा का हिंसा में हाथ बताया गया है और सपा सांसद पर उसे संरक्षण देने का आरोप है.
सा की जांच के लिए तीन सदस्यीय आयोग गठित
संभल में 24 नवंबर को जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान हुई हिंसा की जांच के लिए राज्य सरकार ने तीन सदस्यीय न्यायिक जांच आयोग का गठन किया है. इलाहाबाद हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश देवेंद्र कुमार अरोड़ा की अध्यक्षता में गठित आयोग दो माह में जांच पूरी कर रिपोर्ट सरकार को सौंपेगा.
सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी अमित मोहन प्रसाद व सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी अरविंद कुमार जैन को आयोग का सदस्य बनाया गया है. बता दें कि दो दिन के सर्वे करने के बाद रिपोर्ट तैयार कर ली गई है. कोर्ट ने रिपोर्ट देने के लिए कमिटी को 29 नवंबर तक का समय दिया था.
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– भारत एक्सप्रेस
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