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आर्म्स डीलर संजय भंडारी ने राऊज एवेन्यु कोर्ट द्वारा भगोड़ा घोषित किए जाने खिलाफ दायर याचिका पर 8 अगस्त को होगी सुनवाई

दिल्ली हाई कोर्ट 8 अगस्त को आर्म्स डीलर संजय भंडारी की याचिका पर सुनवाई करेगा. भंडारी ने राऊज एवेन्यू कोर्ट के भगोड़ा घोषित करने के आदेश को चुनौती दी है. कोर्ट ने सभी पक्षों से लिखित जवाब मांगा है.

Delhi High Court

दिल्ली हाई कोर्ट ने आर्म्स डीलर संजय भंडारी ने राऊज एवेन्यु कोर्ट द्वारा भगोड़ा घोषित किए जाने खिलाफ याचिका दायर की है. जिसपर दिल्ली हाई कोर्ट के जस्टिस नीना कृष्णा बंसल की बेंच 8 अगस्त को सुनवाई करेगी. कोर्ट ने सभी पक्षों से अगली सुनवाई से पहले लिखित जवाब दाखिल करने को कहा है. कोर्ट ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि वह इस मामले में 15 दिन बाद फैसला सुनाएंगी.

कोर्ट भंडारी की ओर से दायर याचिका पर आज फैसला सुरक्षित रखने वाला था, तभी ईडी की ओर से पेश वकील जोहेब हुसैन ने कोर्ट को बताया कि निचली अदालत के आदेश को चुनौती देने वाली अपील पर अंतिम सुनवाई की जाए क्योंकि आज जो दलीलें कोर्ट के समक्ष दी गई है वह अनिवार्य रूप से मामले के गुण दोष को कवर करती है. यही मांग एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने की.भंडारी द्वारा दायर अर्जी पर निचली अदालत में 2 अगस्त को होने वाली सुनवाई पर अंतरिम रोक लगाने की मांग की गई थी. संजय भंडारी के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के तहत मामला दर्ज है और वह 2016 में ब्रिटेन भाग गया था. उसके खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी हुआ था.

मनी लॉन्ड्रिंग घोटाला का आरोप

हालही में ब्रिटेन की अदालत ने उसके प्रत्यर्पण से संबंधित ईडी की याचिका को खारिज कर दिया था. आयकर विभाग ने उसके खिलाफ 2015 में मुकदमा दर्ज किया था, जिसके आधार पर ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग के तहत मुकदमा दर्ज किया था. उस पर काला धन को विदेश भेजने, टैक्स की चोरी करने और रक्षा सौदों में रिश्वत लेने का आरोप है. भंडारी को 2020 में ब्रिटेन की पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था. भंडारी के वकील ने 19 अप्रैल को भगोड़ा घोषित करने की मांग का विरोध किया था और कहा था कि ब्रिटेन में वह कानून के तहत रह रहा है. लंदन हाई कोर्ट ने उसे भारत प्रत्यर्पित करने से मना कर दिया है. भंडारी की ओर से पेश वरिष्ठ वकील मनिंदर सिंह ने यह भी कहा था कि उनके मुवक्किल का ब्रिटेन में रहना पूरी तरह वैध है और भारत सरकार यूके की अदालत के आदेश की अवहेलना नहीं कर सकती है.

भंडारी की ओर से पेश वकील ने यह भी कहा था कि ईडी की याचिका फगिटिव इकोनॉमिक ऑफेंडर्स एक्ट की आवश्यक शर्ते पूरी नहीं करती. उन्होंने कहा था कि इस कानून के तहत आरोपी को तभी भगोड़ा घोषित किया जा सकता है जब उस पर लगे आरोपों की राशि 100 करोड़ या उससे अधिक हो. लेकिन आयकर विभाग के दिल्ली हाई कोर्ट में खुद स्वीकार किया था कि संजय भंडारी के खिलाफ कथित कर चोरी और काले धन के आरोपों की राशि 100 करोड़ से कम है। भंडारी का नाम कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बहनोई रॉबर्ट वाड्रा के खिलाफ धन शोधन मामले में ईडी की जारी जांच में भी सामने आया है.

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भारत एक्सप्रेस



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