2020 के दिल्ली दंगों से संबंधित UAPA मामले में जेल में बंद शरजील इमाम, उमर खालिद, गुलफिशा फातिमा सहित अन्य की ओर से दायर जमानत याचिका पर 3 नवंबर को भी सुनवाई जारी रहेगी. जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस एन वी अंजारिया की पीठ सुनवाई कर रही है.
जमानत याचिका 90 से ज्यादा बार सूचीबद्ध
मामले की सुनवाई के दौरान गुलफिशा फातिमा की ओर से पेश वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कोर्ट को बताया कि 11 अप्रैल 2020 से अभी तक जेल में है. यानी पांच साल पांच महीने से जेल में हैं. 16 सितंबर 2020 को पहली चार्जशीट दाखिल की है. उसके बाद हर साल सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल किया जाता है. यह एक रिवाज बन गया है. बड़ा सवाल यह है कि इस तरह के सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल करना अनिश्चित काल तक जारी रखा जा सकता है? अंतिम सप्लीमेंट्री चार्जशीट जून 2023 में दाखिल की है.
सिंघवी ने कहा कि मैं पिंजरा तोड़ की सदस्य नहीं हूं. इसमें शामिल आरोपियों को जमानत मिल चुकी है. उन्होंने दिल्ली पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस को यह बताने में एक साल लग गया है चार्जशीट की जांच पूरी हुई है या नहीं. उन्होंने कहा कि गुलफिशा फातिमा से ना तो मिर्च पाउडर और ना ही कोई हथियार बरामद किया गया है. वह अकेली महिला है जो जेल में बंद है. उन्होंने कहा कि 2020 के बाद जमानत याचिका 90 से ज्यादा बार सूचीबद्ध हुई है.
न होते हुए दंगो से कैसे जोड़ा- उमर
वहीं उमर खालिद की ओर से पेश वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि इस मामले में 751 एफआईआर दर्ज की गई है. उन्होंने दावा किया कि दिल्ली दंगा के समय उमर खालिद दिल्ली में मौजूद ही नहीं था. उन्होंने कहा कि अगर मैं वहां नहीं हूं, तो दंगों को इससे कैसे जोड़ा जा सकता है? 751 में से मुझे एक पक्ष बनाया गया.
उन्होंने कहा कि तीन आरोपियों, जिनमें 2 महिलाएं और एक आसिफ इकबाल तन्हा, को हाई कोर्ट ने नियमित जमानत दी और सुप्रीम कोर्ट ने इसे बरकरार रखा था. समानता के आधार पर इस पर भी फैसला किया जा सकता है, जबकि शरजील इमाम की ओर से पेश वरिष्ठ वकील सिद्धार्थ दवे ने कहा कि अभियोजन पक्ष को जांच पूरी करने में 3 साल का समय लग गया. तीन साल तक मुकदमें को आगे नही बढ़ाया गया. मोदी सरकार को गिराने की एक बड़ी साजिश थी. दिल्ली पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर यह दावा किया है. 389 पेज के दाखिल हलफनामे में दिल्ली पुलिस ने दावा किया है कि यह दंगा सत्ता परिवर्तन के लिए ऑपरेशन था.
आरोपों से संबंधित पक्के सबूत मौजूद
दिल्ली पुलिस ने दिल्ली दंगा मामले में आरोपी शरजील इमाम, उमर खालिद सहित अन्य की ओर से दायर जमानत याचिका पर यह हलफनामा दाखिल किया है. दिल्ली पुलिस ने यह भी दावा किया है कि आरोपों से संबंधित पक्के सबूत उसके पास मौजूद है.
दाखिल हलफनामे में कहा गया है कि आरोपियों ने अलग-अलग कोर्ट में अर्जी दाखिल कर मामले को लंबा खिंचने की कोशिश की गई है. दिल्ली पुलिस ने कहा है कि भारत की छवि दुनिया में खराब हो और अंतरराष्ट्रीय मीडिया का ध्यान ब खिंचने के मकसद से यह साजिश रची गई है. दिल्ली पुलिस के मुताबिक दंगे के लिए उस दिन को चुना गया जब अमेरिका के राष्ट्रपति भारत में मौजूद थे.
दिल्ली पुलिस ने उमर खालिद, शरजील इमाम, मीरान हैदर, गुलफिशा सहित अन्य की ओर ओर से दायर जमानत याचिका का विरोध किया है. दिल्ली पुलिस ने यूएपीए का हवाला देते हुए कहा कि ऐसे गंभीर मामलों में जमानत नही.मिलनी चाहिए. पुलिस ने यह भी आरोप लगाया है कि आरोपी खुद ट्रायल में जानबूझकर देरी कर रहे हैं.
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-भारत एक्सप्रेस
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