सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल की ओर से दायर याचिका पर ईडी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की कोर्ट ने ईडी से 10 दिन में जवाब देने को कहा है. उसके बाद 5 दिन में चैतन्य बघेल अपना जवाबी जवाब दाखिल करेंगे. बघेल ने गिरफ्तारी को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है.
याचिका में दिया कानूनी चूकों का हवाला
इससे पहले छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने बघेल की गिरफ्तारी और उनके खिलाफ शुरू की गई आपराधिक कार्रवाई को रद्द करने से इनकार कर दिया था. चैतन्य बघेल ने अपनी याचिका में गिरफ्तारी प्रक्रिया में कई अनियमितताओं और कानूनी चूकों का हवाला दिया है. जैसे बिना समन जारी किए गिरफ्तार करना, झूठे आधार पर सहयोग न करने का आरोप लगाना आदि.
शराब घोटाले में भूपेश बघेल पर जांच
इससे पहले दायर याचिका पर कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा था कि केवल संपन्न व्यक्तियों के मामलों में ही उत्पन्न हो रही है. गरीब लोग कहां जाएंगे? सिंघवी ने कहा था कि हमारी मुख्य चुनौती धारा 44 की व्याख्या को लेकर है. सिंघवी ने कहा था पीएमएलए की धारा 44 मजिस्ट्रेट की अनुमति के बिना ईडी को अंतहीन जांच जारी रखने की अनुमति नहीं देती है. भूपेश बघेल और उनके बेटे चैतन्य बघेल के खिलाफ 2161 करोड़ के कथित शराब घोटाले के मामले में जांच चल रही है.
दरअसल सीबीआई ने महादेव बेटिंग एप मामले में भूपेश बघेल के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर रखा है. सीबीआई द्वारा दर्ज इस एफआईआर में बघेल का नाम छठें नंबर पर है. एफआईआर में बेटिंग एप के प्रमोटर सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल समेत 21 आरोपियों के.नाम शामिल है. इस मामले में सीबीआई 60 जगहों पर छापेमारी कर चुकी है.
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-भारत एक्सप्रेस
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