सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश पुलिस की हिरासत में 26 साल के देवा पारधी की मौत के मामले में कथित आरोपी पुलिस अधिकारियों को गिरफ्तार करने का आदेश दिया है. जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस आर महादेवन की पीठ ने सीबीआई से 7 अक्टूबर तक गिरफ्तार करने को कहा है.
पुलिस अधिकारियों को किया गया निलंबित
कोर्ट मृतक की मां की ओर से दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई कर रहा है. पिछली सुनवाई में सीबीआई की ओर से पेश वकील ने कोर्ट को बताया था कि मौत के जिम्मेदार दोनों पुलिस अधिकारियों को कल यानी 24 सितंबर को निलंबित कर दिया गया है. इसपर जस्टिस नागरत्ना ने पूछा था कि कल क्यों? आप कह रहे हैं कि वे अप्रैल से फरार है. इसका मतलब है कि आप उन्हें बचा रहे हैं.
वहीं जस्टिस आर महादेवन ने कहा था कि वाकई यह अवमानना का मामला है. कोर्ट ने मौत के जिम्मेदार दोनों पुलिस अधिकारियों को गिरफ्तार ना करने पर सीबीआई को फटकार लगाई थी. दायर अवमानना याचिका में जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों को एक महीने के भीतर गिरफ्तार करने के 15 मई 2025 के आदेश के उल्लंघन का आरोप लगाया गया है.
कार्रवाई न कर पाने पर न दें लाचारी का बहाना
पिछली सुनवाई में कोर्ट ने कहा था कि ऐसा नही चल सकता है. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद आप कार्रवाई नहीं कर पा रहे है, फिर क्या फायदा? आप लाचारी का बहाना बना रहे हैं, वो फरार है. आप उन्हें ढूंढ़ नहीं पा रहे हैं. कृपया लाचारी का बहाना न बनाएं.
कोर्ट ने यह भी कहा था कि अगर गंगाराम पारधी के साथ कोई अनहोनी होती है और हिरासत में दूसरी बार कोई घटना होती है, तो हम आपको नहीं छोड़ेंगे. कृपया उनकी न्यायिक हिरासत की निगरानी कर रहे जेल अधिकारियों को सूचित करें हिरासत में दूसरी मौत नहीं हो सकती, अन्यथा हम इसे गंभीरता से लेंगे.
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-भारत एक्सप्रेस
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