Bharat Express DD Free Dish
Pension Mission Shakti Digital
Pension Mission Shakti Digital

सुप्रीम कोर्ट से इंडियन मुजाहिदीन के दो आरोपियों को राहत, 12 साल की कैद के बाद मिली जमानत

सुप्रीम कोर्ट ने यूएपीए के तहत करीब 12 साल से जेल में बंद इंडियन मुजाहिदीन के कथित आरोपियों मोहम्मद साकिब अंसारी और वकार अजहर को जमानत दे दी है.

सुप्रीम कोर्ट की इमारत और यूजीसी का लोगो

यूजीसी के नए नियमों पर सुप्रीम कोर्ट में 4 सप्ताह बाद होगी अगली सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट से यूएपीए के तहत गिरफ्तार इंडियन मुजाहिदीन के दो आरोपियों मोहम्मद साकिब अंसारी और वकार अजहर को जमानत मिल गई है. जस्टिस विक्रमनाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने कहा कि लगभग 12 साल से जेल में बंद है और ट्रायल जल्द खत्म होने की उम्मीद नही है. लिहाजा जमानत नहीं देना संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत प्रदत व्यक्तियों की स्वतंत्रता के अधिकार का उल्लंघन है.

कोर्ट ने अपने फैसले में स्पष्ट किया है कि जमानत की शर्तें निचली अदालत तय करेगी. कोर्ट ने कहा अगर किसी अन्य मामले में आरोपी नही है तो, उन्हें रिहा किया जाए.

पिछली सुनवाई में कोर्ट ने संकेत दिया था कि गुलफिशा फातिमा बनाम राज्य मामले में उसके द्वारा तय किए गए सिद्धांत इस मामले पर भी लागू होगा. अदालत ने जनवरी 2026 को फैसला दिया था, जिसमें दिल्ली दंगों के मामले में पांच आरोपियों को जमानत दिया था, लेकिन कोर्ट ने उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत देने से इनकार कर दिया था.

वकास के बयान के आधार पर हुई थी गिरफ्तारी

अंसारी और अजहर को मार्च 2014 में गिरफ्तार किया गया था, जब पाकिस्तानी नागरिक जिया-उर-रहमान उर्फ वकास ने पूछताछ के दौरान कथित तौर पर उनके नाम बताए थे. अभियोजन पक्ष का दावा है कि वे इंडियन मुजाहिदीन के राजस्थान मॉड्यूल के सदस्य थे और आतंकवादी हमलों की योजना बनाने में शामिल थे.

इसी साल अप्रैल में दिल्ली हाई कोर्ट ने उनकी ओर से दायर जमानत याचिका को खारिज कर दिया था.

अदालत ने अपने फैसले में कहा था कि अभियुक्तों के खिलाफ आरोप, उनसे कथित तौर पर बरामद सामग्री और राजस्थान के एक संबंधित मामले में उनकी दोषसिद्धि यूएपीए की धारा 43 डी (5) के तहत जमानत पर वैधानिक प्रतिबंध को आकर्षित करती है. हाई कोर्ट ने यह भी कहा था कि लंबे समय तक जेल में रहने के आधार बनाकर जमानत नही मांगा जा सकता. जिसके बाद दोनों ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है.

ये भी पढ़ें: धार भोजशाला मामला: नमाज के लिए वैकल्पिक जमीन न देने पर सुप्रीम कोर्ट नाराज, MP सरकार से मांगा जवाब

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read


Pension Mission Shakti Digital