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असम के सीएम हेमंत बिस्वा सरमा के खिलाफ दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का सुनवाई से इनकार

सुप्रीम कोर्ट ने मुख्यमंत्री के ‘विवादित बयानों’ और ‘पॉइंट ब्लैंक वीडियो’ के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया है. सीजेआई सूर्यकांत की बेंच ने सख्त लहजे में याचिकाकर्ता से कहा, “हाई कोर्ट को नजरअंदाज न करें, उनके पास अधिक शक्ति है.”

Himanta Biswa Sarma controversy
Edited by Vaibhav Gupta

असम के मुख्यमंत्री हेमंत बिस्वा शर्मा द्वारा मियां और पॉइंट ब्लैक वीडियो पर की गई टिप्पणियों के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया है.कोर्ट ने याचिकाकर्ता को हाई कोर्ट जाने को कहा है. साथ ही सीजेआई सूर्यकांत ने हाई कोर्ट से मामले में तेजी से सुनवाई करने को कहा है.

सुनावाई में कोर्ट ने उठाए सवाल

दायर याचिका में सीएम के खिलाफ FIR दर्ज करने और SIT जांच की मांग वाली याचिका पर सुनवाई के दौरान सीजेआई सूर्यकांत ने पूछा कि आप हाई कोर्ट क्यों नहीं गए. याचिककर्ताओ की ओर से पेश वरिष्ठ वकील ने कहा कि मुख्यमंत्री का पांच बयान हैं, जो राष्ट्रीय स्तर पर प्रभाव डालते हैं. यह मामला अनुच्छेद 32 के तहत बिल्कुल सही है.

सीजेआई ने कहा कि वकीलों को सुप्रीम कोर्ट में सूट करता है तो यहां आते हैं. हाई कोर्ट जाइये, उनको नजरअंदाज मत कीजिए. सीजेआई सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम पंचोली की पीठ ने दिया है.

मामला पैन इंडिया पर प्रभाव डालेगा

सुनवाई के दौरान सिंघवी ने कहा कि कोई एफआईआर नहीं हुई है, कोई कदम नहीं उठाया गया है. आप असम के अलावे किसी और हाई कोर्ट में भेज दीजिए. इसपर सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि यह तो बहुत गलत है कि आप असम हाई कोर्ट में नहीं जाना चाहते है. सीजेआई ने कहा कि हाई कोर्ट से इतर यह मामला पैन इंडिया प्रभाव डालेगा. बहुत सी याचिकाओं की बाढ़ आ जाएगी. अनुच्छेद 226 में हाई कोर्ट सभी मांगों पर निर्देश देने में सक्षम है. हम यहां सुनवाई को तैयार नहीं है.

सीजेआई ने कहा हाई कोर्ट के पास अधिक शक्ति है. सिंघवी ने जब अंबेडकर का हवाला दिया तो इसपर सीजेआई ने कहा कि यहां पर क्या हम संविधान सभा को पहले डिस्कस करें. सिंघवी ने कहा कि यह कई राज्यों में दिए गए बयानों का मामला है. असम, झारखंड  अन्य राज्यों में बयान दिए गए.

फ्लड जिहाद’ वाली टिप्पणी का जिक्र

सीजेआई ने आगे कहा कि हम सिर्फ हाई कोर्ट से गुजारिश कर सकते है कि महत्वपूर्ण मामला है और वो योग्यता के मुताबिक सुनवाई करें. याचिका में कहा गया था कि असम के मुख्यमंत्री ने पहले भी इसी तरह की टिप्पणियां की है. इस संबंध में फ्लड जिहाद वाली टिप्पणियां की हैं. इस संबंध में फ्लड जिहाद’ वाली टिप्पणी का जिक्र किया गया है.

याचिकाकर्ता का कहना था कि उन्होंने ऐसे बयान दिए हैं कि एक खास धार्मिक समुदाय के लोगों को वोटर लिस्ट से हटा देना चाहिए. कांग्रेस ने 8 फरवरी 2026 को दावा किया था कि असम बीजेपी X हैंडल से एक वीडियो पोस्ट किया गया जिसमें हिमंत बिस्वा सरमा मुसलमानों को गोली मारते दिख रहे हैं. कांग्रेस ने कहा था कि ये वीडियो अल्पसख्यको की टार्गेर्टेड पॉइंट ब्लैंक हत्या को बढ़ावा देने जैसा है. कांग्रेस का दावा था कि वीडियो को डिलीट कर दिया गया है.

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-भारत एक्सप्रेस



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