Bharat Express DD Free Dish

उत्तर प्रदेश के टूंडला की 80 साल पुरानी प्रसिद्ध श्री नगर रामलीला समारोह पर इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश पर सुप्रीम कोर्ट का रोक

उत्तर प्रदेश के टूंडला की 80 साल पुरानी प्रसिद्ध श्री नगर रामलीला समारोह पर इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगा दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार, जिला प्रशासन और हाई कोर्ट में याचिकाकर्ता को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है.

Edited by Vaibhav Gupta

उत्तर प्रदेश के टूंडला की 80 साल पुरानी प्रसिद्ध श्री नगर रामलीला समारोह पर इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगा दिया है. जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस उज्ज्वल भुइयां और जस्टिस एनके सिंह की पीठ ने उत्तर प्रदेश सरकार, जिला प्रशासन और हाई कोर्ट में याचिकाकर्ता को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है.

छात्रों को न हो कोई असुविधा

कोर्ट ने कहा कि चूंकि उत्सव शुरू हो चुका हैं, इसलिए यह इस शर्त के साथ जारी रहेगा कि छात्रों को कोई असुविधा न हो. सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट से अनुरोध किया कि वह जिला प्रशासन को ऐसे उत्सवों के लिए कोई वैकल्पिक स्थल निर्धारित करके इस मुद्दे को हल करने के लिए कहे ताकि स्कूलों के खेल के मैदानों का उपयोग केवल छात्र ही कर सकें.

मामले की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता ने कोर्ट को बताया कि हाई कोर्ट ने उनका पक्ष सुने बिना ही एक तरफा फैसला दे दिया है. याचिका में दावा किया गया है कि 18 दिनों तक रामलीला के मंचन के दौरान शिक्षण गतिविधियां बुरी तरह प्रभावित होगी.

HC के फैसले पर रोक लगाने की हुई मांग

इसके अलावा बच्चों को खेल के मैदान से वंचित होना पड़ेगा. परिषदीय विद्यालय प्रांगण में हो रहे आयोजन पर रोक लगने के बाद अब यह महोत्सव रामलीला मैदान के बाहर सत्यम पार्क में किया जा रहा है. शहर के सांवले प्रसाद रोड़ निवासी प्रदीप राना ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर परिषदीय विद्यालय प्रांगण में हो रही रामलीला से बच्चों की पढ़ाई बाधित होने का हवाला दिया था.

हाई कोर्ट ने दायर याचिका पर सुनवाई के बाद कोर्ट ने रामलीला आयोजन को बंद करने का आदेश दिया था. जिसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है. दायर याचिका में हाई कोर्ट के फैसले पर रोक लगाने की मांग की गई है. साथ ही पहले से तय स्थान पर रामलीला आयोजन करने की अनुमति मांग की गई है.

एसडीएम ने बंद कराया मंचन

इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के बाद एसडीएम अंकित वर्मा, सीओ अमरीश कुमार और तहसीलदार राखी शर्मा ने 22 सितंबर की रात रामलीला का मंचन बंद करा दिया था. रामलीला के आयोजन को इस आधार पर उचित ठहराया गया कि यह पिछले 100 वर्षों से हो रहा है और इसका समय शाम 7 से 10 बजे के बीच ही रहेगा. लेकिन हाई कोर्ट इन दलीलों को खारिज कर दिया था.

ये भी पढ़ें: दिल्ली हाईकोर्ट ने मेजर जनरल वीके सिंह को दी राहत, रॉ पर लिखी पुस्तक के दस्तावेज देखने की अनुमति

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read