सुप्रीम कोर्ट ने शीना बोरा हत्याकांड मामले में बड़ा आदेश दिया है. कोर्ट ने निचली अदालत को 9 महीने में सुनवाई पूरी कर फैसला देने का निर्देश दिया है. कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट को सुनवाई पूरी करने के लिए यह अंतिम मौका दिया है.
अनुरोध पर नहीं होगा विचार
जस्टिस एम एम सुंदरेश और जस्टिस एन कोटिश्वर सिंह की पीठ ने कहा कि अब किसी भी प्रकार के विस्तार के अनुरोध पर विचार नहीं किया जाएगा. सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई के स्पेशल जज के 5 फरवरी के पत्र पर विचार करने के बाद यह आदेश दिया है.
इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने इंद्राणी मुखर्जी को 2022 में जमानत देते हुए कहा था कि वह साढ़े 6 साल से जेल में बंद है, मुकदमा जल्द खत्म होने की संभावना नहीं है. इंद्राणी मुखर्जी ने बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी, जिसमें हाई कोर्ट ने उनकी विदेश जाने की याचिका खारिज कर दी थी.
क्या था पूरा मामला?
निचली अदालत ने इंद्राणी मुखर्जी को 19 जुलाई को स्पेन और यूनाइटेड किंगडम की यात्रा जाने की अनुमति दे दिया था. जिसके खिलाफ सीबीआई ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. हाई कोर्ट ने सीबीआई की अपील को स्वीकार करते हुए निचली अदालत द्वारा दिए गए आदेश को रद्द कर दिया था. जिसके बाद इंद्राणी मुखर्जी ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था.
मुंबई में साल 2012 में इंद्राणी मुखर्जी ने ड्राइवर श्यामवर राय और अपने पूर्व पति संजीव खन्ना के साथ मिलकर कथित तौर पर शीना बोरा की कार में गला घोंटकर हत्या कर दी थी. हत्या के बाद उसके शव को पड़ोसी जिले रायगढ़ के एक जंगल में जला दिया गया था.
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-भारत एक्सप्रेस
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