सुप्रीम कोर्ट ने सचिन गुप्ता नामक एक वकील द्वारा दायर 47 जनहित याचिकाओं में से 17 याचिका को वापस ले लिया है. मामले की सुनवाई के दौरान सचिन गुप्ता ने सीजेआई सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ से याचिका को वापस लेने की अनुमति मांगी. जिसे कोर्ट ने दे दिया. ये सभी याचिकाएं सीजेआई सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम पंचोली की पीठ के समक्ष सभी 17 याचिकाएं सुनवाई के लिए लगी थी.
सुनवाई के दौरान सचिन गुप्ता ने कहा कि मैं अपनी सभी याचिकाएं वापस लेना चाहता हूं, ताकि संबंधित प्राधिकरण के समक्ष याचिका दायर कर सकूं. जिसकी कोर्ट ने अनुमति दे दी. इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने सचिन गुप्ता द्वारा दायर 25 याचिकाओं को वापस लेने की अनुमति दी थी. जबकि 9 मार्च को कोर्ट ने पांच याचिकाओं को खारिज कर दिया था.
सीजेआई सूर्यकांत ने वकील को सलाह दिया था कि सही समय आने पर हम इन मामलों पर भी सुनवाई करेंगे, लेकिन पहले लोगों को जागरूक करने और मुद्दों से निपटने का प्रयास करें. सीजेआई सूर्यकांत ने कहा था कि जनहित याचिका कथित तौर पर जनहित में है, लेकिन सुनवाई नही होगी. सीजेआई ने टिप्पणी करते हुए कहा था कि आपको सीधे कोर्ट आने के बजाए संबंधित प्राधिकरणों के पास जाकर उन्हें जागरूक करना चाहिए. जब उचित समय आएगा, तब हम आपकी याचिका पर विचार करेंगे. उन्होंने आगे कहा था कि एक वकील होने के नाते याचिकाकर्ता को मुद्दों का विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण से अध्ययन करना चाहिए और पहले अधिकारियों को संवेदनशील बनाने की कोशिश करना चाहिए.
CJI सूर्यकांत की याचिकाकर्ता को पेशे पर ध्यान देने की सलाह
सीजेआई सूर्यकांत ने कहा था कि अभी अपना पूरा ध्यान अपने पेशे पर लगाइए. जब सही समय आएगा, तब हम इन मामलों पर भी विचार करेंगे. लेकिन सबसे पहले लोगों को जागरूक करने और असल मुद्दों को सुलझाने की कोशिश करें. दायर याचिकाओं में बंदूक के इस्तेमाल पर नीति, कानून की जागरूकता से जुड़े टीवी कार्यक्रम के लिए नीति, भिखारियों, बच्चों, ट्रांसजेंडर, महिलाओं के उत्थान, सरकार अधिकारियों और न्यायपालिका द्वारा सोशल मीडिया उपयोग के नियमन, हथियारों के उपयोग पर नीति, आपराधिक मामलों में सजा से जुड़े दिशा-निर्देशों की मांग शामिल थी.
कोर्ट ने जनहित याचिकाओं की गुणवत्ता पर उठाया सवाल
इसके अलावे अन्य मांगों में “पब्लिक वेलफेयर डे” घोषित करना, दालों की प्रोसेसिंग के मानकों में बदलाव, अलग-अलग आयु वर्ग के लिए स्मार्टफोन विकसित करना, पशु कल्याण के उपाय और बोन चाइना उत्पादों के नियमन जैसी बातें भी शामिल थी. इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने सचिन गुप्ता की ओर से दायर पांच याचिकाओं को खारिज कर दिया था. दायर एक जनहित याचिका में मांग की गई थी कि प्याज और लहसुन में तामसिक यानी नकारात्मक ऊर्जा होती है या नही.
सीजेआई सूर्यकांत ने याचिकाकर्ता सचिन गुप्ता को फटकार लगाते हुए कहा था कि आप आधी रात को ये सारी याचिकाएं तैयार करते हो? सीजेआई ने इन याचिकाओं को अष्पष्ट, असंगत और बिना आधार वाली बताया था.
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-भारत एक्सप्रेस
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