सुप्रीम कोर्ट अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू पर लगे गंभीर आरोपों पर केंद्र सरकार से तीन सप्ताह में जवाब मांगा है. जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ पर स्पष्ट किया कि तकनीकी दलीलों में मत जाइए. पहले ही आदेश दिया गया है कि गृह मंत्रालय और वित्त मंत्रालय को हलफनामा दाखिल करना है. यही पर्याप्त है. कोर्ट ने कहा कि उन्हें यह जानना जरूरी है कि किन कंपनियों को ठेके दिए गए, टेंडर प्रक्रिया अपनाई गई या नही और इनके पीछे कौन लोग हैं. सुप्रीम कोर्ट दौरान कोर्ट ने याद दिलाया कि मार्च 2025 में ही केंद्र सरकार, खासतौर पर गृह मंत्रालय और वित्त मंत्रालय को विस्तृत रिपोर्ट पेश करने का निर्दश दिया गया था.
अनुबंध प्रक्रिया और ठेकेधारियों का खुलासा अनिवार्य
कोर्ट ने कहा कि सीएजी रिपोर्ट पर्याप्त नहीं है. हमें मंत्रालयों की सीधी रिपोर्ट चाहिए. मामला साफ होना चाहिए कि किन्हें ठेके दिए गए और प्रक्रिया क्या अपनाई गई. सुप्रीम कोर्ट ने खांडू के रिश्तेदारों के स्वामित्व वाली कंपनियों को सार्वजनिक अनुबंधों के कथित अनियमित आवंटन की सीबीआई या एसआईटी से जांच कराने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई कर रहा है. पिछली सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील प्रशांत भूषण ने कहा था कि हालात चौकाने वाले है. राज्य को एक प्राइवेट कंपनी की तरह चलाया जा रहा है. सभी ठेके उनकी पत्नी की कंपनी, उनके चचेरे भाई की कंपनी आदि को दिए गए हैं.
वही अरुणाचल प्रदेश सरकार की ओर से पेश वकील ने कहा था कि याचिका प्रक्रिया का दुरुपयोग मात्र है. पिछली सुनवाई में कोर्ट ने सीएजी जांच का आदेश दिया था. सीएजी ने अपनी रिपोर्ट कोर्ट को सौप दिया है. सीएजी ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि अरुणाचल प्रदेश वह सब कुछ कर रहा है जो कर सकता है, और यह कानून के तहत है. यह भी कहा गया कि यह याचिका राजनीति से प्रेरित है. याचिकाकर्ता कुछ लोगों का समूह है, जो राज्य में विकास नही चाहते है. भूषण ने कहा था कि सैकड़ों करोड़ का मामला है.
सहयोगियों को सैकड़ों करोड़ का ठेका दिया गया
कोर्ट ने भूषण से पूछा था कि कितने अनुबंध है, जिसपर भूषण ने कहा था कि अपनी पत्नी की कंपनियों को सैकड़ों करोड़ के 70 अनुबंध है. पेमा खांडू के करीबी सहयोगियों को चाबी निविदाएं देने में कथित पक्षपात किया गया, जिसमें खांडू की पत्नी से संबंधित निर्माण कंपनी मेसर्स ब्रांड ईगल्स भी शामिल है. इसके अलावे पेमा के भतीजे श्री त्सेरिंग ताशी, जो तवांग जिले के विधायक हैं, जो मैसर्स एलायंस ट्रेडिंग कंपनी के मालिक है, को उचित प्रक्रिया का पालन किए बिना कार्य संविदा प्रदान की गई है.
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-भारत एक्सप्रेस
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