सुप्रीम कोर्ट ने हत्या के मामले में कथित आरोपी मध्य प्रदेश के विधायक अरविंद पटेरिया पर लगे आरोपों की जांच के लिए एसआईटी बनाने का संकेत दिया है. इसके लिए कोर्ट ने मध्यप्रदेश सरकार से मध्य प्रदेश से बाहर के तीन सीनियर अधिकारियों के नाम सुझाने को कहा है.
सीजेआई सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने यह आदेश दिया है. कोर्ट फरवरी में इस मामले में अगली सुनवाई करेगा. राज्य सरकार द्वारा जो रिपोर्ट दिया गया उसमें कहा गया कि यह मामला 302 का नही है, बल्कि 304 A का मामला है. जिसपर याचिकाकर्ता ने आपत्ति जाहिर करते हुए कहा कि मामले की जांच सही तरीके से नही की गई है. जिसके बाद कोर्ट ने जांच के लिए एसआईटी गठित करने का भरोसा दिया है.
सीबीआई जांच की भी उठी मांग
याचिकाकर्ता का आरोप है कि जांच अधिकारी ने सबूतों के साथ छेड़छाड़ कर आरोपी को बचाने की कोशिश की है. लिहाजा आईओ के खिलाफ धारा 201 के तहत मामला दर्ज कर मुकदमा चलाने का आदेश दिया जाए. विधायक अरविंद पटेरिया पर छतरपुर जिले के खजुराहो थाने में एफआईआर दर्ज किया गया है. दायर याचिका पर एसआईटी गठित कर निष्पक्ष जांच की मांफी की गई है. साथ ही सीबीआई जांच की मांग की गई है. यह याचिका राजिया अली ने सुप्रीम कोर्ट के वकील वरुण ठाकुर के माध्यम से दायर की है. संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत याचिका दायर की गई है.
विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान हुई थी घटना
दायर याचिका में घटना के डेढ़ साल बाद भी जांच पूरी नहीं हुई और न ही किसी आरोपी को गिरफ्तार किया गया. याचिका में आरोपियों पर राजनीतिक संरक्षण होने का दावा किया गया है. पुलिस पर मिलीभगत और पीड़िता पर दबाव डालने का भी गंभीर आरोप है. राजिया अली का कहना है कि उन्हें लगातार धमकियां दी जा रही हैं और सोशल मीडिया पोस्ट हटाने तक के लिए दबाव बनाया जा रहा है. याचिका में परिवार को सुरक्षा मुहैया कराने की मांग की गई है.
बता दें कि 17 नवंबर 2023 को विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान सलमान को कथित तौर पर गाड़ी से कुचलकर हत्या कर दी गई थी. दर्ज एफआईआर में मुख्य कथित आरोपी अरविंद पटेरिया और उनके समर्थकों का नाम शामिल है.
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-भारत एक्सप्रेस
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