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सुब्रमण्यम स्वामी मंदिर में दीप जलाने की अनुमति पर सुप्रीम कोर्ट जल्द करेगी सुनवाई, तीन दिसंबर की पुलिस कार्रवाई से बढ़ा तनाव

सुप्रीम कोर्ट ने मद्रास हाईकोर्ट के उस आदेश के खिलाफ दायर याचिका पर जल्द सुनवाई का भरोसा दिया है, जिसमें तिरुप्परनकुंडम पहाड़ी स्थित अरुलमिगु सुब्रमण्यम स्वामी मंदिर के पास परंपरागत कार्टिगै दीपम जलाने की अनुमति दी गई थी.

तिरुपरमकुंडम पहाड़ी स्थित अरुलमिगु सुब्रमण्यम स्वामी मंदिर के पास प्रारंपरिक कार्टिगै दीपम जलाने की मद्रास हाईकोर्ट द्वारा अनुमति दिए जाने के खिलाफ दायर याचिका पर जल्द सुनवाई का सुप्रीम कोर्ट ने भरोसा दिया है. तमिलनाडू सरकार ने मद्रास हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है. सीजीएआई सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने मामले को जल्द सूचीबद्ध करने का भरोसा दिया है.

मद्रास हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता को केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल की सुरक्षा घेरे में पहाड़ी के प्राचीन स्तंभ पर दीप जलाने का निर्देश दिया था. एक दिसंबर को कोर्ट ने कहा था कि सुब्रमण्यम स्वामी मंदिर के प्रबंधन को तीन दिसंबर को कार्टिगई दीपम पर दीप जलाने की सुविधा प्रदान करनी चाहिए. हाई कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा था दीप घर भर में जलते हैं, सिर्फ पूजा घर में नहीं. इस साल से दीपथुन पर दीप जलना चाहिए. कोर्ट के आदेश का पालन करना पुलिस का कर्तव्य है. उन्होंने चेतावनी दी थी कि अगर शाम 6 बजे तक नही जलाया गया तो 6:05 में अवमानना की कार्यवाही शुरू होगी.

त्योहार मनाने के अधिकार पर उठा सवाल

कार्टिगई दीपम एक पुराना हिंदू त्योहार है जो तमिल कार्टिगई की पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है. जिसे भगवान मुरुगन की जयंती रूप में जाना जाता है. थिरुप्परनकुन्द्रम में सुब्रमण्यम स्वामी मंदिर, जो मुरुगन के छह पवित्र मंदिरों में एक है, सर्दियों से इस त्योहार का केंद्र रहा है. इसी तरह, हिंदू माइनॉरिटीज कम्युनिस्ट को डिंडीगुल के पेरुमल कोविलपट्टी में मांडू कोविल में यह त्योहार मानने का अधिकार है. लेकिन तीन दिसंबर को जब दीप प्रज्ववलन का समय आया, तो वहां न केवल दीप बुझा रहा, बल्कि पुलिस भक्तों पर लाठियां बरसा रही थी.

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-भारत एक्सप्रेस



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