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सुप्रीम कोर्ट ने यासीन मलिक के जम्मू जाने पर लगाई रोक, ट्रायल कोर्ट में तिहाड़ जेल से होगा पेश

मलिक ने कहा कि सीबीआई की आपत्ति यह है कि मैं सुरक्षा के लिए खतरा हूं. मैं उसी का जवाब दे रहा हूं. मैंने और मेरे संगठन के खिलाफ किसी भी आतंकवादी को समर्थन देने या किसी भी तरह का ठिकाना मुहैया कराने के लिए एक भी एफआईआर दर्ज नहीं है.

yasin malik
Edited by Akansha

तिहाड़ जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) के प्रमुख यासीन मलिक जम्मू के स्पेशल कोर्ट में चल रहे ट्रायल के दौरान दिल्ली के तिहाड़ जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश होगा. कोर्ट ने सीबीआई की उस मांग को स्वीकार कर लिया है. जिसमें मलिक के खिलाफ दर्ज मुकदमे को दिल्ली ट्रांसफर करने की मांग की गई थी.

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेश हुआ यासीन मलिक

यासीन मलिक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुप्रीम कोर्ट में पेश हुआ और कहा कि वह आतंकवादी नहीं है उसने देश के पांच प्रधानमंत्रियों पी वी नरसिम्हा राव, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर, गुजराल, देवेगौड़ा के कहने पर जम्मू कश्मीर के समाधान के लिए काम किया. वह विदेश तक गया. उसने दावा किया कि वह राजनीतिक व्यक्ति है, आतंकवादी नहीं है. जस्टिस अभय एस ओका ने कहा कि आप राजनेता हैं या आतंकवादी यहां पर सवाल यह नहीं है हमारे समक्ष सिर्फ ट्रायल स्थानांतरित करने का मामला है.

मैं सुरक्षा के लिए खतरा हूं-मलिक

मलिक ने यह भी कहा कि सीबीआई की आपत्ति यह है कि मैं सुरक्षा के लिए खतरा हूं. मैं उसी का जवाब दे रहा हूं. मैंने और मेरे संगठन के खिलाफ किसी भी आतंकवादी को समर्थन देने या किसी भी तरह का ठिकाना मुहैया कराने के लिए एक भी एफआईआर दर्ज नहीं है. मेरे खिलाफ एफआईआर दर्ज है, लेकिन वो सभी मेरे अहिंसक राजनीतिक विरोध से संबंधित है. पिछली सुनवाई में सीबीआई की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया था कि जम्मू के एएसजी कोर्ट में वीसी की अच्छी सुविधा है, जहां वर्चुअल सुनवाई संभव हो गया है.

मुकदमा दिल्ली में किया जाए ट्रांसफर

सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा था कि जम्मू स्पेशल कोर्ट का कहना है कि यह अनुकूल नही है कि उसे व्यक्तिगत रूप से पेश करे. हम यासीन मलिक को जम्मू-कश्मीर नही ले जाना चाहते हैं. जिसपर कोर्ट ने कहा था कि लेकिन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में जिरह कैसे हो सकती है. एसजी ने कहा था कि अगर वह व्यक्तिगत रूप से पेश होने पर अड़े है तो मुकदमा दिल्ली में ट्रांसफर किया जाए.

यासीन मलिक सिर्फ एक आतंकवादी नहीं

एसजी ने कहा था कि यासीन मलिक सिर्फ एक आतंकवादी नहीं है. बता दें कि केंद्रीय गृह मंत्री मुफ़्ती मोहम्मद सईद की बेटी रूबैया सईद की 1989 में हुई अपहरण के मामले में जम्मू की निचली अदालत ने 20 सितंबर 2022 को पारित आदेश के खिलाफ सीबीआई की याचिका पर सुनवाई कर रहे थे. उसी उसी दौरान यासीन मलिक अदालत में पेश हुआ था.

-भारत एक्सप्रेस 



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