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ऑनर किलिंग का खौफ और रील का भरोसा! सुप्रीम कोर्ट ने प्रेमी युगल को दिलाई सुरक्षा

रील देखकर सुप्रीम कोर्ट पहुंचे प्रेमी युगल के मामले में CJI सूर्यकांत ने बड़ी राहत दी है. कोर्ट ने कहा कि जीवन का अधिकार सबसे ऊपर है. अब दिल्ली हाई कोर्ट की सुरक्षा में यह जोड़ा सुरक्षित है और SC ने याचिका का निपटारा कर दिया है.

Supreme Court
Edited by Vaibhav Gupta

सुप्रीम कोर्ट ने ऑनर किलिंग के डर से घर से भागे प्रेमी युगल की ओर से दायर याचिका का निपटारा कर दिया है. याचिकाकर्ता की ओर से पेश हरविंदर कौर चौधरी ने सीजेआई सूर्यकांत के लिए समक्ष मेंशन कर कहा कि सुप्रीम कोर्ट के सलाह के बाद दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई है.

याचिकाकर्ता को हाई कोर्ट जाने की सलाह

हाई कोर्ट ने लड़की और लड़के के माता-पिता को नोटिस भी जारी किया है. उन्हें सुरक्षा मुहैया कराई गई है. दोनों गुरुद्वारा गए थे, वहां भी साथ में सुरक्षा कर्मी थे. लिहाजा सुप्रीम कोर्ट में लंबित याचिका का निपटारा किया जाए, क्योंकि हाई कोर्ट में सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका निरर्थक हो गई है. जिसके बाद सीजेआई सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम पंचोली की पीठ ने याचिका का निपटारा कर दिया है.

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने राहत देने से इनकार कर दिया है. कोर्ट ने याचिकाकर्ता को हाई कोर्ट जाने की सलाह दिया था.

गोली से मारने की धमकी

पिछली सुनवाई में याचिकाकर्ता के वकील हरविंदर चौधरी ने कोर्ट को बताया था कि उन्होंने सुप्रीम कोर्ट की पार्किन में एक लड़का-लड़की को देखा, जो काफी डरे हुए थे और सुरक्षा की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंचे थे. उनके मुताबिक माता-पिता उन्हें गोली से मारने की धमकी दे रहे है. ये प्रेमी युगल बिहार और उत्तर प्रदेश से भाग कर दिल्ली आया है. दोनों एक फैक्ट्री में साथ काम करते है. उन्होंने बताया था कि रील के जरिये पता चला कि ऐसे लोग सुप्रीम कोर्ट में शादी करते है और सीजेआई उन्हें मदद करते है.

जीवन का अधिकार सर्वोपरि: CJI

कोर्ट ने कहा था कि तत्काल राहत के लिए दिल्ली हाई कोर्ट से संपर्क करें. याचिकाकर्ता के वकील ने कहा था कि जब कपल को तिलक मार्ग, पुलिस थाने ले जाया गया तो पुलिस ने उन्हें कथित तौर पर हिरासत में ले लिया. इसपर सीजेआई सूर्यकांत ने कहा था कि जीवन का अधिकार सर्वोपरि है और ऐसे कपल को किसी भी हाई कोर्ट से सुरक्षा प्राप्त करने का अधिकार है. उन्होंने कहा था कि जीवन सबसे अनमोल है, ये सही है.

सीजेआई ने कहा था कि अगर हाई कोर्ट किसी कारणवश आपकी सुनवाई नहीं करता है, तो आप यहां आ सकते है. कोर्ट ने कहा था कि आपका मामला हमारे सामने आएगा तो जरूर हम कुछ दिशानिर्देश जारी करेंगे.

कोर्ट ने दिल्ली हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार ज्यूडिशियल को निर्देश दिया था कि इस मामले को प्राथमिकता से सुना जाए और प्रेमी युगल को सुरक्षा सुनिश्चित करने पर तत्काल कदम उठाए जाएं. जिसके बाद हाई कोर्ट दायर याचिका पर सुनवाई कर रहा है.

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-भारत एक्सप्रेस



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