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‘आदेश के बावजूद जारी हैं सीवर में मौतें…’ सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-बिहार समेत 15 राज्यों के मुख्य सचिवों को भेजा अवमानना नोटिस

मैनुअल सीवर सफाई और मैला ढोने के दौरान हो रही मौतों पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए दिल्ली-बिहार समेत 15 राज्यों के मुख्य सचिवों को अवमानना का नोटिस भेजा है.

मैरिटल रेप पर सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई.

भारत में वैवाहिक दुष्कर्म की संवैधानिकता को लेकर सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिकाओं पर सुनवाई, जिसमें केंद्र और राज्यों के रुख पर फैसला होना है. (PC: भारत एक्सप्रेस)

Edited by Vaibhav Gupta

सुप्रीम कोर्ट ने मैनुअल सीवर सफाई और मैला ढोने से.संबंधित अवमानना के मामले में 15 राज्यों के मुख्य सचिवों को अवमानना का नोटिस जारी किया है. कोर्ट ने पूछा कि हाथ से मैला ढोने के कारण होने वाली मौतों को ना रोक पाने पर अदालत की अवमानना की कार्रवाई क्यों न कि जाए?

जस्टिस अरविंद शर्मा और जस्टिस विपुल एम पंचोली की बेंच ने दिल्ली, बिहार, समेत 15 राज्यों के मुख्य सचिवों को अवमानना का नोटिस जारी किया है. कोर्ट सभी सचिवों से चार सप्ताह में हलफनामे के जरिए जवाब देने को कहा है.

मौतों का सिलसिला जारी

कोर्ट ने पूछा कि क्यों न अवमानना की कार्यवाही शुरू की जाए. कोर्ट डॉक्टर बलराम की ओर से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई कर रहा है. कोर्ट ने अक्टूबर 2023 में इस समस्या को खत्म करने का निर्देश दिया था. मामले की सुनवाई के दौरान एमिकस क्यूरी ने कोर्ट को बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद मौतों का सिलसिला लगातार जारी है.

रिपोर्ट के मुताबिक 2024 में 54 और 2025 में 46 मौतें हुई है. उन्होंने यह भी कहा कि 2024 में महाराष्ट्र में 17, तमिलनाडु में 12 और राजस्थान में 13 मौतें हुई. कोर्ट ने अधिकारियों से पिछली सुनवाई में पूछा था कि मैनुअल सीवर सफाई और मैला ढोने की प्रथा पर कैसे रोक लगाएंगे.

सुनवाई में उपस्थित रहने का निर्देश

कोर्ट ने अगली सुनवाई में कोलकाता नगर निगम के नगर आयुक्त, दिल्ली जल बोर्ड के निदेशक और हैदराबाद मेट्रोपोलिटन वाटर एंड सीवरेज बोर्ड के प्रबंध निदेशक को अगली सुनवाई में उपस्थित रहने का निर्देश दिया था.

पिछली सुनवाई में कोर्ट ने कहा था कि कोलकाता नगर निगम के नगर आयुक्त, दिल्ली जल बोर्ड के निदेशक और हैदराबाद मेट्रोपोलिटन वाटर एंड सीवरेज बोर्ड के प्रबंध निदेशक ने यह नहीं बताया था कि उनके शहरों में मैनुअल सीवर सफाई और मैला ढोने से कुछ लोगों की मौत हुई है.

40 मौतें पर FIR ‘जिरों’

एमिकस क्यूरी वरिष्ठ वकील परमेश्वर ने कोर्ट को बताया था कि 2024 में सीवर सफाई और सेफ्टिक टैंक की सफाई के कारण 40 लोगों की मौत हो चुकी है. लेकिन एफआईआर तक दर्ज नहीं किया गया है.

सुप्रीम कोर्ट ने 2023 में केंद्र सरकार और देश के सभी राज्यों और केंद्र शाषित प्रदेशों को उचित उपाय करने, नीतियां बनाने और निर्देश जारी करने का निर्देश दिया था ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि मैनुअल सीवर सफाई को चरणबद्ध तरीके से पूरी तरह से समाप्त किया जा सके.

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-भारत एक्सप्रेस



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