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सीजेआई बी आर गवई ने दिल्ली में सभी निर्माण कार्यों पर रोक लगाने के सुझाव को किया खारिज

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते वायु प्रदूषण के मामले में दिशा-निर्देश दिया हैं. सीजेआई बी आर गवई ने निर्माण कार्यों पर रोक लगाने का सुझाव खारिज करते हुए केंद्र सरकार से समाधान निकालने को कहा.

CJI BR Gavai

सीजेआई बीआर गवई

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण को लेकर बड़ा आदेश दिया है. सीजेआई बी आर गवई ने दिल्ली में सभी निर्माण कार्यों पर रोक लगाने के सुझाव को खारिज कर दिया है. सीजेआई बी आर गवई, जस्टिस के विनोद चंद्रन और जस्टिस एनवी अंजारिया की पीठ के यह आदेश दिया है.

सीजेआई ने केंद्र सरकार सभी हितधारकों को बुलाकर समाधान निकालने को कहा हैं. कोर्ट ने कहा कि अल्पकालिक कार्रवाई से समस्या हल नही होगी. सिर्फ एक पक्ष नहीं, मजदूरों को भी देखना होगा. हमें व्यापक दीर्घकालिक समाधान चाहिए. कोर्ट ने यह भी टिप्पणी की कि ऐसा आदेश लोगों के जनजीवन पर व्यापक प्रभाव डालेगा और लाखों लोगों की आजीविका को खतरे में डाल देगा.

दिल्ली प्रदूषण पर कोर्ट ने उठाया गंभीर सवाल

मामले की सुनवाई के दौरान एमिकस क्यूरी अपराजिता सिंह ने पराली का मुद्दा उठाया. इसपर कोर्ट ने कहा कि जब एमिकस क्यूरी कहते हैं कि प्रदूषण सबसे ज्यादा है, लेकिन पराली जलाने में कमी आई हैं, तो क्या इसके और कारण हो सकता है? पराली की घटनाएं कम हुई है तो प्रदूषण क्यों बढ़ रहा है? कोर्ट 19 नवंबर को इस मामले में अगली सुनवाई करेगा. कोर्ट ने हलफनामा मांगा कि क्या दिल्ली में प्रदूषण पर निगरानी के लिए इस्तेमाल हो रहे उपकरण इसके लिए सक्षम हैं. कोर्ट ने वायु प्रदूषण सूचकांक वाले उपकरणों की गुणवत्ता के बारे में भी हलफनामा मांगा है.

वही मामले की सुनवाई के दौरान वरिष्ठ वकील गोपाल शंकर नारायण ने कहा कि हालही में हुए आतंकवादी घटना का उदाहरण दिया, जिसमें 13 लोगो की मौत हो गई है. उन्होंने कहा कि यहां लाखों लोग प्रदूषण से मर रहे हैं. फेफड़ों के कैंसर में चिंताजनक इजाफा हुआ है. दिल्ली में 10 में से 3 मौतें वायु प्रदूषण के कारण होती हैं.

ये भी पढ़ें- सुप्रीम कोर्ट राजस्थान की जोजरी नदी में प्रदूषण से जुड़े मामले में लिए गए स्वतः संज्ञान पर 21 नवंबर को करेगा सुनवाई

भारत एक्सप्रेस



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