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Supreme Court: जोजरी नदी प्रदूषण पर हाई-लेवल समिति गठित, सरकार को लगाई फटकार

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने राजस्थान की जोजरी नदी (Jojari River) में बढ़ते प्रदूषण पर स्वतः संज्ञान लेते हुए हाई कोर्ट के सेवानिवृत्त जज की अध्यक्षता में उच्चाधिकार प्राप्त समिति बनाने का आदेश दिया है

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Edited by Sahil Singh

सुप्रीम कोर्ट राजस्थान की जोजरी नदी में प्रदूषण से जुड़े मामले में लिए गए स्वतः संज्ञान पर हाई कोर्ट के एक सेवानिवृत्त जज की अध्यक्षता में उच्चाधिकार प्राप्त समिति के गठन का आदेश दिया है. जस्टिस विक्रमनाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने यह आदेश दिया है.

क्या है पूरा मामला

इससे पहले सुनवाई के दौरान कोर्ट ने संकेत दिया था कि वह इस मामले में एनजीटी से भी कड़ा आदेश पारित करेगा. मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा था कि यह प्रदूषण और 20 लाख लोगों की पीड़ा को नियंत्रित करने में राज्य सरकार विफल रही हैं. जस्टिस संदीप मेहता ने कहा था कि जो कुछ हुआ है वह आपकी नाक के नीचे और सभी अधिकारियों की मिलीभगत से हुआ है. राजस्थान सरकार की ओर से पेश एडिशनल एडवोकेट जनरल शिवमंगल शर्मा की ओर से दायर हलफनामे को कोर्ट ने रिकॉर्ड पर ले लिया था. पिछली सुनवाई में राजस्थान सरकार के वकील ने कोर्ट को यह भी बताया था कि इसको लेकर राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने वर्ष 2022 में विस्तृत आदेश दिया था, जिसके खिलाफ सिविल अपील कोर्ट में लंबित है.

स्वास्थ्य पर सीधा खतरा- कोर्ट

कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा था कि यह गंभीर चिंता का विषय है और सरकार को इस प्रदूषण पर रोक लगाने तथा जनता के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाना होगा. नदी में बहता यह काला और बदबूदार पानी खेतों को बंजर कर रहा है, गॉवों के तालाब व कुए प्रदूषित कर रहा है और लोगों के स्वास्थ्य पर सीधा खतरा पैदा कर रहा है. पिछली सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा था कि नदी में फैक्ट्रियों से निकलने वाला प्रदूषित पानी और कचरा डाला जा रहा है.

इससे अनगिनत गांव प्रभावित हैं. इन गांवों में पीने योग्य पानी भी नहीं बचा है. कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि पानी प्रदूषित जैसे गंभीर मुद्दे पर किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नही की जाएगी. कोर्ट ने कहा था कि मामले को सीजेआई के पास भेजा जाए, ताकि आगे उचित आदेश दिया जा सके. जोजरी नदी में औद्योगिक अपशिष्ट छोड़े जाने से स्वास्थ्य एवं अन्य परिस्थितिकी तंत्र पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है.

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जोजरी नदी के विषैले पानी से प्रभावित गांवों में जोधपुर और बालोतरा जिले के कुछ गांव आते हैं. इनमें धवा, मेलावा, लोनावास, कल्याणपुर, आरबा और डोली समेत करीब एक दर्जन गांव है. जोजरी नही राजस्थान की एक प्रमुख मौसमी नदी है. यह नागौर जिले के पंडालू गांव की पहाड़ियों से निकलती है और जोधपुर जिले के खेजलड़ा खुर्द गांव के पास लूणी नही में मिलती है.

-भारत एक्सप्रेस



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