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उन्नाव रेप केस मामले में पूर्व भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर ने पीड़िता द्वारा सुनवाई टालने की मांग का किया विरोध

पूर्व भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान वरिष्ठ वकील हरिहरन ने कहा कि पीड़ित पक्ष द्वारा बार-बार स्थगन लेने से दिल्ली हाई कोर्ट में मामला धीमी गति से चल रहा है.

Kuldeep Singh Sengar

उन्नाव रेप केस मामले में पूर्व भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की ओर से पेश वरिष्ठ वकील हरिहरन ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि पीड़ित पक्ष द्वारा बार-बार सुनवाई टालने की मांग के चलते दिल्ली हाई कोर्ट में उनके मामले की सुनवाई धीमी गति से चल रही है. सीजेआई सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने दोनों पक्षों से सहयोग करने के लिए कहा है.

वही मामले की सुनवाई के दौरान पीड़िता की ओर से पेश वकील महमूद प्रचा ने कहा कि मैंने व्यक्तिगत असुविधा के कारण केवल एक बार स्थगन लिया था. हरिहरन ने कहा कि आपकी व्यक्तिगत असुविधा के कारण मुझे एक महीने की देरी हो रही है. महमूद प्रचा ने कहा कि मैं अब और स्थगन नही लूंगा. यह याचिका सीबीआई और अन्य की ओर से अलग-अलग दायर की गई है. जिसपर कोर्ट सुनवाई कर रहा है. पीड़िता की शिकायत है कि जांच अधिकारी ने मेरे साथ अन्याय किया. उसने जज से मिली भगत कर यह सुनिश्चित किया कि दूसरा पक्ष जीत जाए. ताकि रेप पीड़िता हार जाए, उसका हौसला टूट जाए और वह आगे केस न लड़ सके.

पीड़िता ने यह भी कहा था कि सीबीआई मेरे वकील के साथ मजबूती से खड़ी होती तो हमें यह दिन देखने को नही मिलता. हम केस जीतते या हारते. पीड़िता की मां ने कहा था कि वह हाई कोर्ट के.आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख करेगी, जहां उसे न्याय मिलने का पूरा भरोसा है. इससे पहले सुप्रीम कोर्ट के वकील अंजली पटेल और पूजा शिल्पकार ने भी सेंगर की जमानत रद्द करने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर रखा है.

सेंगर की आजीवन कारावास की सजा पर विवाद

दायर याचिका में कहा गया है कि जमानत की प्रक्रिया पूरी होने के बाद सेंगर को एक घंटे में रिहाई का आदेश गलत है. क्योंकि सेंगर को आजीवन कारावास की सजा हो रखी है. ऐसे में इस तरह का आदेश गलत है. दिल्ली हाई कोर्ट ने 23 दिसंबर को 2017 के उन्नाव बलात्कार मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे सेंगर की आजीवन कारावास की सजा निलंबित कर दी थी. सेंगर को 15 लाख रुपए का निजी मुचलके और इतनी ही राशि के तीन जमानतदार जमा करने का निर्देश दिया.

अदालत ने शर्ते लगाई है कि तीनों जमानतदार दिल्ली के निवासी होने चाहिए. कोर्ट द्वारा लगाई गई शर्तो के मुताबिक सेंगर पीड़िता के दिल्ली स्थित निवास से पांच किलोमीटर के दायरे में नहीं आने, पीड़िता या उनकी मां को किसी तरह की धमकी नहीं देने का आदेश दिया है.

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-भारत एक्सप्रेस



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