नोएडा में घर खरीदारों के 126.30 करोड़ रुपए के कथित गवन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में आरोपी और रियल एस्टेट कंपनी के प्रमोटर अनिल मिठास की ओर से दायर जमानत याचिका पर प्रवर्तन निदेशालय को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है.
सीजेआई सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने अनिल मिठास जी के लिए दायर जमानत याचिका पर सुनवाई के बाद यह नोटिस जारी किया है. इससे पहले इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मिठास की ओर से दायर जमानत याचिका को खारिज कर दिया था. मिठास ने हाई कोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है.
सफेदपोश अपराधों पर हाई कोर्ट सख्त, जमानत याचिका खारिज
हाई कोर्ट ने जमानत याचिका को खारिज करते हुए कहा था कि सफेदपोश अपराध समाज मे बहुत गहरे फैल चुके हक़ी और इनसे बिना किसी समझौते के सख्ती से निपटा जाना चाहिए. कोर्ट ने यह भी कहा था कि ऐसे अपराधों से सख्ती से निपटने पर यह धारणा खत्म हो जाएगी कि पैसा और रुतबा होने परनरम न्याय मिलता है. हालांकि कोर्ट ने अपने फैसले में यह भी साफ कर दिया था कि उसके इस टिप्पणियों का असर ट्रायल के दौरान गुण और दोष पर इसका असर नही पड़ेगा.
यह मामला नोएडा में घर खरीदारों की रकम की कथित गड़बड़ी से जुड़ा है. जिसके खिलाफ ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग के तहत मामला दर्ज किया था.
ईडी ने इस सिलसिले में कार्रवाई करते हुए 25.94 करोड़ की संपत्ति को जब्त कर रखा है. दरअसल रियल एस्टेट कंपनी उन्नति फार्च्यून होल्डिंग लिमिटेड और उसके प्रमोटरोंपर घर खरीदारों और वित्तीय संस्थाओं से धोखाधड़ी करने का आरोप है. ईडी ने जिन कंपनियों को जब्त कर रखा है, उनमें मेरठ, नोएडा और दिल्ली शामिल है.
इसके अलावा एक प्रिफरेंस शेयर सर्टिफिकेट की भी जब्त कर रखा है. एजेंसी के मुताबिक कुल 12 संपत्तियों को जब्त किया गया है. ईडी की यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर पर आधारित है.
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-भारत एक्सप्रेस
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