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सुप्रीम कोर्ट ने फर्जी राजनीतिक दलों पर अपनाया कड़ा रुख, केंद्र और चुनाव आयोग को नोटिस जारी

सुप्रीम कोर्ट ने एक जनहित याचिका पर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग को नोटिस जारी किया है, जिसमें राजनीतिक दलों के पंजीकरण और नियंत्रण के लिए नियम बनाने की मांग की गई है.

Telangana News, Supreme Court, OBC Reservation

सुप्रीम कोर्ट ने राजनीतिक दलों को नियम कानून के दायरे में लाने की मांग वाली जनहित याचिका पर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब मांगा है. यह जनहित याचिका सुप्रीम कोर्ट के वकील और बीजेपी नेता अश्विनी कुमार उपाध्याय की ओर से दायर की गई है. दायर जनहित याचिका में राजनीतिक दलों के पंजीकरण और उनके विनियमन के लिए नियम बनाने के निर्देश देने की मांग की गई है. दायर जनहित याचिका में आरोप लगाया गया है कि फर्जी दल काले धन को।सफेद करने और अपराधियों को संरक्षण देने का काम कर रहे हैं. इसकी जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए ठोस कानून बनाने की जरूरत है.

भ्रष्टाचार, जातिवाद और सांप्रदायिकता को कम करने की गुहार

याचिका में यह भी कहा गया है कि फर्जी राजनीतिक दल न सिर्फ अवैध गतिविधियों में संलिप्त लोगों को पदाधिकारी बना रहे हैं, बल्कि चंदा के नाम पर मोटी रकम लेकर अपराधियों को संगठन में जगह दे रहें है. इससे लोकतांत्रिक व्यवस्था और पारदर्शिता पर हमला हो रहा है. दायर याचिका में राजनीति में भ्रष्टाचार, जातिवाद, क्षेत्रवाद, सांप्रदायिकता और अपराधीकरण को कम करने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की गई है.

एक मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए याचिका में दावा किया गया है कि आयकर विभाग को एक फर्जी राजनीतिक पार्टी मिली हैं जो 20 फीसदी कमीशन काटकर काले धन को सफेद कर रही है. याचिका में यह भी कहा गया है कि राजनीतिक दलों के लिए कोई नियम कानून नहीं हैं, इसलिए कई अलगाववादियों ने चंदा इकठ्ठा करने के लिए अपनी राजनीतिक पार्टी बना ली है. इन दलों के कुछ पदाधिकारी पुलिस सुरक्षा पाने में भी सफल रहे है.

याचिका में भारत के विधि आयोग को विकसित लोकतांत्रिक देशों की सर्वोत्तम प्रथाओं की जांच करने और राजनीति में भ्रष्टाचार और अपराधीकरण को कम करने के लिए राजनीतिक दलों के पंजीकरण और विनियमन पर एक व्यापक रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश देने की मांग की गई है.

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-भारत एक्सप्रेस 



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