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200 करोड़ की ठगी का मामला: जैकलीन फर्नांडिस को सुप्रीम कोर्ट से फिलहाल राहत नहीं, जज ने खुद को केस से किया अलग

200 करोड़ के रंगदारी मामले में आरोपी अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडिस की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई टल गई है. जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा ने खुद को अलग कर लिया है, जिसके बाद अब 24 जून को नई बेंच इस पर विचार करेगी.

Supreme Court

सुप्रीम कोर्ट से सुकेश चंद्रशेखर से जुड़े 200 करोड़ रुपए की ठगी के मामले में आरोपी और फिल्म अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडिस को फिलहाल राहत नहीं मिली है. जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और जस्टिस अतुल एस. चंदूरकर की पीठ ने याचिका पर सुनवाई की थी. मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा ने खुद को अलग कर लिया है. उन्होंने कहा कि इस मामले में एक पक्षकार की ओर से उनके बेटे ने सरकार का पक्ष रखा है, लिहाजा वो सुनवाई नहीं कर सकते हैं. अब नई बेंच 24 जून को जैकलीन की याचिका पर सुनवाई करेगी.

आरोप तय करने के फैसले को दी चुनौती

जैकलीन ने पटियाला हाउस कोर्ट द्वारा आरोप तय किए जाने को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है. पटियाला हाउस कोर्ट ने सुकेश चंद्रशेखर, जैकलीन फर्नांडिस सहित 21 आरोपितों के खिलाफ आरोप तय किए हैं. कोर्ट ने इन आरोपियों के खिलाफ मकोका (MCOCA) की धारा 3 और 4, भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 170, 186, 384, 386, 388, 406, 409, 420, 468, 471 और 120बी के अलावा आईटी एक्ट की धारा 66 के तहत आरोप तय करने का आदेश दिया है. कोर्ट ने सुकेश चंद्रशेखर, जैकलीन फर्नांडिस सहित अन्य के खिलाफ जबरन वसूली से जुड़े मकोका के मामले में आरोप तय कर दिया है.

पत्नी ने दर्ज कराया विरोध

सुकेश ने मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में लगे आरोपों पर हस्ताक्षर कर दिए हैं, लेकिन उन्होंने मकोका मामले में हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया है. जबकि उनकी पत्नी लीना मारिया ने मकोका मामले में विरोध जताते हुए आरोपों पर हस्ताक्षर किए हैं. कोर्ट ने इस मामले में सुकेश चंद्रशेखर के अलावा जिन प्रमुख लोगों को आरोपी बनाया है, उनमें उसकी पत्नी लीना पॉल और अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडिस शामिल हैं.

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जेल से ही चला रहा था महाठगी का बड़ा नेटवर्क

कोर्ट के मुताबिक सुकेश चंद्रशेखर ने खुद को तत्कालीन कानून सचिव अनूप कुमार तथा गृह सचिव अजय भल्ला बताया था. इस फर्जी पहचान के दम पर उसने अदिति सिंह को झांसा दिया, फिर उनसे करीब 200 करोड़ रुपए ठग लिए. कोर्ट ने माना कि सुकेश जेल के अंदर बंद रहते हुए भी ठगी का एक बड़ा नेटवर्क चला रहा था. चंद्रशेखर ने कथित तौर पर रैनबैक्सी के पूर्व प्रमोटरों शिविंदर सिंह और मलविंदर सिंह की पत्नियों से 200 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की थी. उसने अदिति सिंह और जपना सिंह को केंद्रीय कानून मंत्रालय के एक अधिकारी के रूप में प्रस्तुत करके और उनके पतियों के लिए जमानत सुनिश्चित करने के बहाने कई करोड़ रुपये का फर्जीवाड़ा किया था.



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