Bharat Express DD Free Dish

एशियन होटल्स और बैंकों के बीच ‘सेटलमेंट’ पर सुप्रीम कोर्ट सख्त; CBI और CVC जांच की मांग पर केंद्र और बैंकों को नोटिस

सुप्रीम कोर्ट ने एशियन होटल्स और पंजाब नेशनल बैंक व बैंक ऑफ महाराष्ट्र के बीच हुए 705 करोड़ के सेटलमेंट की CBI जांच वाली याचिका पर सुनवाई शुरू कर दी है. प्रशांत भूषण की दलीलों और CJI की टिप्पणियों ने दिल्ली के पॉश इलाके में स्थित 5-स्टार होटल की कम आंकी गई कीमत पर बड़े सवाल खड़े किए हैं.

Supreme Court, Asian Hotels case, CBI
Edited by Radha Priya

Asian Hotels Case: सुप्रीम कोर्ट ने एशियन होटल्स (नार्थ) प्राइवेट लिमिटेड, बैंक ऑफ महाराष्ट्र और पंजाब नेशनल बैंक के बीच हुए ‘वन टाइम सेटलमेंट को लेकर सीबीआई और सीवीसी जांच की मांग को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई के लिए सहमति जताई हैं. सीजेआई सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम पंचोली की पीठ दिल्ली हाई कोर्ट के उस आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई कर रही है.

कोर्ट ने केंद्र सरकार, एशियन होटल्स (नार्थ) प्राइवेट लिमिटेड, बैंक ऑफ महाराष्ट्र और पंजाब नेशनल बैंक को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. कोर्ट 18 मार्च को इस मामले में अगली सुनवाई करेगा. जिसमें सीबीआई और सीवीसी जांच की मांग को खारिज कर दिया था.

याचिका में क्या कहा गया?

यह याचिका एनजीओ इंफ्रास्ट्रक्चर वॉचडॉग ने दायर किया है. याचिकाकर्ता का दावा है कि एशियन होटल्स और बैंकों के बीच किया गया ओटीएस मौजूदा कानूनों और आरबीआई दिशानिदेशों का उल्लंघन है. दायर याचिका में कहा गया है कि कोविड के कारण 2021 में ओटीआर को मंजूरी दी गई.

01 सितंबर 2020 तक कुल बकाया 705 करोड़ था. उस समय होटल की बाजार कीमत 2600-2651 करोड़ आंकी गई , लेकिन 2024 के ओटीएस के दौरान उसी.वैल्युअर ने कीमत घटाकर 970 करोड़ कर दी, जबकि दिल्ली-एनसीआर में रियल एस्टेट कीमतें तेजी से बढ़ चुकी थी.

याचिकाकर्ता की दलील

याचिकाकर्ता के वकील प्रशांत भूषण ने दलील दी कि आरबीआई के नियमों के अनुसार 100 करोड़ से ज्यादा है तो ऐसे लोन की नीलामी की जानी चाहिए.बैंकों की ओर से पेश वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी ने कोर्ट को बताया कि एशियन होटल्स ने दो बार होटल और संपत्तियों की नीलामी की कोशिश की, लेकिन कोई खरीदार सामने नही आया. बैंकों ने कुल कर्ज का 116 फीसदी वसूल कर लिया है. जस्टिस बागची ने टिप्पणी करते हुए कहा कि आपको यह भी समझना होगा कि यह कमर्शियल ट्रांजेक्शन है, जहां लेजर वैल्यू पहले ही रिकवर हो चुकी है.

ये भी पढ़ें- फिल्म अभिनेता विवेक ओबेरॉय को राहत देने का दिल्ली हाई कोर्ट ने दिया संकेत

सीजेआई ने की टिप्प्णी

वही सीजेआई ने टिप्पणी करते हुए कहा कि “अगर अकाउंट एनपीए घोषित हो जाता है और कर्जदार की संपत्तियों का मूल्य ज्यादा होता है तो ऐसे में बैंक हमेशा नीलामी का विकल्प चुनेगा. सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि सेटलमेंट 2025 में हुआ.

इस पर सीजेआई ने टिप्पणी की कि 2025 में संपत्ति को नीलामी के लिए क्यों नहीं माना गया, क्योंकि कोविड के बाद रियल एस्टेट का कीमत बढ़ रहा है. सीजेआई ने टिप्पणी करते हुए कहा कि ‘जब आप जनवरी 2025 में सेटलमेंट कर रहें हैं तो दिल्ली में एक आम आदमी भी इस बात पर ध्यान दे सकता है कि 5 स्टार होटल का मूल्य क्या होगा. 2023 में मोरेटोरियम खत्म हो गया. 2023 से 2025 तक जब दुनिया मे कोई भी इस बात का न्यायिक संज्ञान ले सकता है कि रियल एस्टेट संपत्तियों का मूल्य बढ़ रहा है.

सीजेआई ने याद दिलाया कि केरल के एक होटल से जुड़े हाल के एक मामले में कई लोग नीलामी के लिए.आगे आ रहे थे. अगर ऐसा है तो दिल्ली के एक होटल के लिए कई संभावित खरीदार होंगे.

Also Follow Bharat Express on Youtube

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read