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JPSC गड़बड़ी का मामला: सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार और CBI से मांगा जवाब

सुप्रीम कोर्ट ने जेपीएससी परीक्षा 2025 में कथित धांधली की सीबीआई जांच और परीक्षा रद्द करने की मांग वाली याचिका पर झारखंड सरकार व सीबीआई को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है.

SUPREME-COURT

झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) द्वारा आयोजित संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक प्रतियोगी परीक्षा 2025 (प्रारंभिक परीक्षा) में कथित अनियमितताओं और धांधली की सीबीआई जांच की मांग वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा संज्ञान लिया है.

सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की तीन सदस्यीय खंडपीठ ने इस मामले में झारखंड राज्य सरकार, केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) सहित अन्य संबंधित पक्षों को आधिकारिक नोटिस जारी कर विस्तृत जवाब तलब किया है.

ज्यूडिशियल सर्विस पर CJI की टिप्पणी

मामले की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता मनन मिश्रा ने अदालत को अवगत कराया कि जेपीएससी परीक्षा में हुई कथित गड़बड़ियों के खिलाफ राज्य भर के छात्र लगातार सड़कों पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. इस पर सीजेआई सूर्यकांत ने पूछा कि क्या ज्यूडिशियल सर्विस परीक्षा भी लोक सेवा आयोग ही आयोजित करता है? पीठ ने मौखिक रूप से कहा कि अदालत को उस हिस्से (न्यायिक सेवा भर्ती) को लेकर अधिक चिंता है.

CBI/SIT जांच की मांग

यह जनहित याचिका हरिशरण देवगन नामक याचिकाकर्ता की ओर से दायर की गई है. याचिका में निम्नलिखित मुख्य मांगें की गई हैं. 19 अप्रैल 2026 को आयोजित हुई जेपीएससी संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा को निष्पक्षता, पारदर्शिता और विश्वसनीयता के अभाव के चलते रद्द कर नए सिरे से परीक्षा कराई जाए. प्रारंभिक परीक्षा में हुई सभी अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच सीबीआई या विशेष जांच टीम (SIT) से करवाई जाए.

याचिका में जोर दिया गया है कि मामले को किसी एक अभ्यर्थी या एक केंद्र तक सीमित रखकर नहीं देखा जाना चाहिए. प्रश्नपत्र तैयार करने, प्रिंटिंग, सुरक्षित भंडारण (Storage), परिवहन (Transportation) से लेकर परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने की पूरी श्रृंखला की गहन जांच होनी चाहिए.

सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने की गुहार

दायर याचिका में अदालत से यह भी निर्देश देने की मांग की गई है कि परीक्षा से जुड़े सभी रिकॉर्ड और डिजिटल साक्ष्यों को तुरंत सुरक्षित (Preserve) किया जाए. संरक्षित किए जाने वाले रिकॉर्ड्स में मुख्य रूप से शामिल हैं:

  • मूल ओएमआर शीट (OMR Sheets)
  • प्रश्नपत्र और आधिकारिक आंसर की (Answer Key)
  • परीक्षा केंद्रों के उपस्थिति पत्रक (Attendance Sheets)
  • अभ्यर्थियों के बायोमेट्रिक रिकॉर्ड
  • परीक्षा केंद्रों की सीसीटीवी (CCTV) फुटेज और संबंधित प्रशासनिक दस्तावेज

103 पदों के लिए मुख्य परीक्षा स्थगित

उल्लेखनीय है कि इस प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम 2 जुलाई 2026 को घोषित किया गया था. इस भर्ती प्रक्रिया के जरिए कुल 103 पदों पर नियुक्तियां की जानी हैं. हालांकि, भारी विवाद और अनियमितताओं के आरोपों के बीच जेपीएससी ने आगामी आदेश तक मुख्य (Mains) परीक्षा को स्थगित कर दिया है.

इससे पहले झारखंड हाई कोर्ट ने 20 अगस्त को जेपीएससी भर्ती परीक्षाओं के जरिए की गई नियुक्तियों को रद्द करने के राज्य सरकार के फैसले पर रोक लगा रखी है. अब सुप्रीम कोर्ट द्वारा नोटिस जारी किए जाने के बाद मामले की अगली सुनवाई पर सभी की निगाहें टिकी हैं.



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