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गायब रूसी पत्नी और बेटे के मामले में सुप्रीम कोर्ट सख्त, सरकार से रेलवे और बस अड्डों पर निगरानी का आदेश

सुप्रीम कोर्ट ने चार वर्षीय बेटे के साथ लापता रूसी महिला की तलाश के लिए सरकार को सख्त निर्देश दिए हैं. कोर्ट ने रेलवे स्टेशन और बस अड्डों पर नजर रखने को कहा है.

Supreme Court
Edited by Akansha

सुप्रीम कोर्ट ने चार साल के बेटे के साथ गायब हुई रूसी पत्नी के मामले में फ्रेस स्टेट्स रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया है. जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ 21 जुलाई को इस मामले में अगली सुनवाई करेगा. मामले की सुनवाई के दौरान एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने कोर्ट को बताया कि लुक आउट नोटिस जारी किया गया है. उन्होंने कहा कि रूसी महिला अभी भी भारत में ही है. वह भारत नही छोड़ी है.

रूसी महिला का फोन नंबर आ रहा है बंद

उन्होंने कहा कि रूसी महिला का फोन नंबर बंद आ रहा है. उसे लगातार ट्रेस करने की कोशिश की जा रही है. कोर्ट ने सरकार से हवाई अड्डे के अलावे रेलवे स्टेशन और बस अड्डो पर नजर रखने को कहा है. कोर्ट ने कहा कि अगले दो दिन काफी क्रूशियल हो सकता है. कोर्ट ने यह भी कहा कि एक दो अधिकारियों की मिलीभगत की संभावना है. किसी कारण से अधिकारियों ने उसकी मदद की होगी. इसकी पुष्टि होनी चाहिए, दूसरा पासपोर्ट बनवाना. एएसजी भाटी ने कहा कि हम इसकी जांच करेंगे.

एएसजी भाटी ने कोर्ट से क्या कहा?

उन्होंने कहा कि इसका जिक्र नहीं है, उसके पास 169 रुपये बचे है. हमें देखना होगा कि वह पैदल कहां गई है. एएसजी भाटी ने कोर्ट को यह भी बताया कि रूसी दूतावास पूरा सहयोग कर रहा है. एएसजी ने कोर्ट को यह भी बताया कि रूसी राजदूत ने बताया है कि महिला 5 जुलाई को दूतावास आई थी. 10 जुलाई को महिला की मां ने दूतावास में शिकायत दर्ज कराई थी कि वह लापता है, उन्हें दिल्ली पुलिस से संपर्क करने की सलाह दी थी.

महिला को तुरंत ढूंढा जाना चाहिए- कोर्ट

कोर्ट ने कहा कि महिला को तुरंत ढूंढा जाना चाहिए. इससे पहले कोर्ट ने आदेश दिया था कि रूसी महिला का पासपोर्ट जब्त किया जाए और देश के सभी एयरपोर्ट्स पर उसकी आवाजाही पर नजर रखी जाए. याचिकाकर्ता के वकील ने कोर्ट को बताया था कि कुछ दिन पहले भारी समान के साथ रूस दूतावास के पिछले दरवाजे से एक रूसी अधिकारी के साथ दाखिल होते हुए देखी गई थी. उसके बाद से बच्चे को लेकर लापता हैं. यह याचिका बंगाल के हुगली जिले के चंदननगर के रहने वाले सैकत बसु ने दायर की है.

रूसी लड़कीं विक्टोरिया जिगालिना से हुई थी मुलाकात

बसु चीन में काम के दौरान रूसी लड़कीं विक्टोरिया जिगालिना से मुलाकात हुई थी. बाद में उन्होंने शादी कर ली. शादी के बाद विक्टोरिया के कहने पर सैकत 2019 में चीन से भारत लौट आया. वर्ष 2020 उन्हें एक पुत्र हुआ. चीन से भारत लौटने पर सैकत ने एक निजी कंपनी के लिए केंद्र सरकार के लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय की विश्व बैंक परियोजना में सलाहकार के रूप में काम करना शुरू किया.

खुफिया एजेंसी एफएसबी के पूर्व अधिकारी हैं विक्टोरिया के पिता

बाद में पता चला कि विक्टोरिया के पिता रूस की खुफिया एजेंसी एफएसबी के पूर्व अधिकारी हैं, जिससे शक गहराया कि विक्टोरिया भी जासूसी नेटवर्क से जुड़ी हो सकती है न सैकत का आरोप है कि पत्नी फोर्ट विलियम जैसे सैन्य क्षेत्रों में जाने का दबाव डालती थी. विरोध के बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में बेटे की कस्टडी की याचिका दायर की, लेकिन मामला लंबित रहते ही वह बेटे को लेकर लापता हो गयी. इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि बच्चे को 20 घंटे पिता के पास और चार घंटे मां के पास रखा जाए. लेकिन बाद में कोर्ट ने इस आदेश में संशोधन कर दिया.

-भारत एक्सप्रेस 



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