सुप्रीम कोर्ट ने आतंकी फंडिंग मामले में अलगाववादी नेता शब्बीर शाह को राहत देने से फिलहाल इनकार कर दिया है. कोर्ट ने शब्बीर शाह की ओर से दायर जमानत याचिका पर एनआईए को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है.
कोर्ट 2 सप्ताह बाद इस मामले में अगली सुनवाई करेगा. मामले की सुनवाई के दौरान शब्बीर अहमद शाह की ओर से पेश वकील ने कोर्ट से अंतरिम जमानत की गुहार लगाई, जिसपर इनकार करते हुए कोर्ट ने कहा ताकि आज ही छूट जाए.
छह साल से तिहाड़ जेल में है बंद
दिल्ली हाई कोर्ट से याचिका खारिज होने के बाद शब्बीर अहमद शाह ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया हैं. शब्बीर शाह के खिलाफ कुल 24 मामले दर्ज है. शब्बीर शाह को एनआईए ने 2019 में गिरफ्तार किया था. दिल्ली हाई कोर्ट में जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान शब्बीर शाह की ओर से पेश वरिष्ठ वकील कॉलिन गोंजाल्विस ने कहा था कि वह पिछले छह साल से तिहाड़ जेल में बंद है.
उनके खिलाफ अभी तक कोई अपराध साबित नही हुआ है. शब्बीर शाह के खिलाफ दर्ज 24 मामलों में से 18 मामलों में उन पर आरोप लगाया गया है. जबकि तीन मामले लंबित है और तीन को खारिज कर दिया गया है. गोंजाल्विस ने यह भी कहा कि एनआईए की ओर से दाखिल चार्जशीट के मुताबिक कुल 400 गवाह है, जिनमें से मात्र 15 गवाहों की गवाही पूरी हो पाई है. इसको देखते हुए शाह को जमानत मिलनी चाहिए. क्योंकि इस मामले में ट्रायल लंबा चलने की उम्मीद है.
एनआईए ने कहा: ये एक गंभीर अपराध
जबकि एनआईए ने जमानत का विरोध करते हुए कहा था कि ये एक गंभीर अपराध हैं, जिसमें पाकिस्तान समेत दूसरे देशों से कश्मीर में अशांति फैलाने के लिए टेरर फंडिंग को अंजाम दिया गया.
इस अपराध में शब्बीर शाह ने खास भूमिका निभाई है. शब्बीर शाह जमात-उद-दावा के प्रमुख हाफिज सईद के भी संपर्क में था. शब्बीर शाह दो मामलों में तिहाड़ जेल में बंद है. उसपर टेरर फंडिंग का आरोप है. साथ ही ईडी ने उसके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के तहत मामला दर्ज किया था.
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-भारत एक्सप्रेस
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