एयर इंडिया की सुरक्षा प्रक्रियाओं सहित अन्य पहलुओं की जांच की मांग वाली याचिका पर सुनवाई से सुप्रीम कोर्ट ने इनकार कर दिया है. याचिका में जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में एक समिति गठित करने की मांग की गई थी.
कोर्ट ने सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता से पूछा कि उस एयरलाइन को क्यों निशाना बनाया जा रहा है. कोर्ट ने कहा कि यह दुखद त्रासदी थी, लेकिन यह किसी एयरलाइन को नीचा दिखाने अवसर नहीं बनना चाहिए.
जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि हम खुद हर हफ्ते यात्रा करते है. कोर्ट ने याचिकाकर्ता से कहा कि आप पहले संबंधित अधिकारियों से संपर्क करें, हमें यकीन है कि आपके सुझाव पर ध्यान देंगे. जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने याचिकाकर्ता से याचिका को वापस लेने की सलाह दी. जिसके बाद याचिकाकर्ता ने याचिका को वापस ले लिया है.
याचिका में एयर इंडिया के पूरे बेड़े का व्यापक सुरक्षा ऑडिट करने की मांग की थी. मामले की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता ने वादा किया था कि यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना का शिकार है. इसपर जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि हम भी हर हफ्ते यात्रा करते हैं और जानते हैं कि स्थिति क्या है. यह एक त्रासदी बहुत दुर्भाग्यपूर्ण थी.
यह किसी एयरलाइन की आलोचना करने का समय नहीं है
यह किसी एयरलाइन की आलोचना करने का समय नहीं है. दायर जनहित याचिका में केंद्र सरकार, एयर इंडिया, नागर विमानन महानिदेशालय और ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी को पार्टी बनाया गया था. याचिकाकर्ता के मुताबिक वह 20 मई 2025 को दिल्ली से शिकागो जाने वाली एयर इंडिया की फ्लाइट AI 127 में बिजनेस क्लास में यात्रा की थी. उस दौरान वह पाया कि फ्लाइट इंटरटेनमेंट सिस्टम पूरी तरह से काम नहीं कर रहा है. ना ही सीट ठीक था. 18 घंटे की यह सफर काफी असुविधाजनक था.
याचिका में कहा गया था कि सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से सर्कुलेट हो रहे वीडियो से पता चलता है कि विमान दुर्घटना से पहले भी केबिन सिस्टम में खराबी देखने को मिला था. इस घटना ने एयर इंडिया की सुरक्षा, विश्वनीयता पर सवाल खड़ा करता है.
प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक यह स्पष्ट होता है कि एयर इंडिया द्वारा DGCA द्वारा निर्धारित नियमों के तहत वैज्ञानिक जांच में चूक हुई है. बता दें कि अहमदाबाद एयरपोर्ट से विमान भरने के महज 5 मिनट बाद ही यह विमान शहर के मेघाणी नगर इलाके में दुर्घटनाग्रस्त हो गया.
इस विमान में 242 यात्री और 10 क्रू सदस्य सवार थे. इनमें 53 ब्रिटिश, 7 पुर्तगाली और एक कनाडाई नागरिक था. अधिकत्तर शव बुरी तरह से झुलस चुके है. इनकी पहचान करना मुश्किल है. इस विमान में गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रुपाणी के अलावा कई बिजनेस टायकून भी सवार थे.
इनमें कार्गों मोटर के प्रमुख नंदा और ल्यूबी के डायरेक्टर सुभाष अमीन भी शामिल थे. विमान की कमान कैप्टन सुमित सभरवाल के पास थी और उसके साथ फर्स्ट ऑफिसर क्लाईव कुंदर थे.
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-भारत एक्सप्रेस
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