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यू-ट्यूबर रणवीर इलाहाबादिया को कोर्ट से बड़ा झटका, सुप्रीम कोर्ट ने पासपोर्ट जारी करने से किया  इनकार

सुप्रीम कोर्ट ने यूट्यूबर रणवीर इलाहाबादिया की पासपोर्ट जारी करने की अर्जी खारिज कर दी, यह कहते हुए कि पहले उनके विवादास्पद बयान की जांच पूरी होनी चाहिए. कोर्ट ने कहा कि पासपोर्ट जारी करने से जांच प्रभावित हो सकती है.

यू-ट्यूबर रणवीर इलाहाबादिया को सुप्रीम कोर्ट ने पासपोर्ट जारी करने से इनकार कर दिया है. कोर्ट ने कहा कि वह इलाहाबादिया के विदेश यात्रा के लिए पासपोर्ट जारी करने की मांग वाली अर्जी पर तब विचार करेगा जब इंडियाज गॉट लौटेंट के एक एपिसोड में उनके द्वारा की गई विवादास्पद टिप्पणियों की जांच पूरी हो जाएगी.

महाराष्ट्र सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि मामले में 2 सप्ताह में जांच पूरी हो जाएगी. कोर्ट ने इलाहाबादिया को उनके द रणवीर शो को प्रसारित करने की तीन मार्च को अनुमति दे दी थी.

दो हफ्ते में पूरी होगी जांच: महाराष्ट्र सरकार

जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस एन कोटिश्वर सिंह की पीठ ने कहा कि अगर पासपोर्ट जारी करने का आदेश दिया गया तो जांच प्रभावित हो सकती है. मामले की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ वकील अभिनव चंद्रचूड ने कोर्ट से इलाहाबादिया ने लिखित आश्वासन दाखिल किया है और वह मामले की जांच में शामिल हो गए हैं. चंद्रचूड ने सुप्रीम कोर्ट से इलाहाबादिया पर लगाई गई पासपोर्ट जमा करने की शर्त में संशोधन करने का अनुरोध किया. उन्होंने कहा कि यह शर्त उनकी आजीविका को प्रभावित करती है.

चंद्रचूड ने कहा कि रणवीर इलाहाबादिया ने कोर्ट के निर्देश के मुताबिक गुवाहाटी पुलिस को जांच में सहयोग किया है. राष्ट्रीय महिला आयोग ने उन्हें बुलाया था, वह वहां भी गए. पिछली सुनवाई में ने कहा था कि हास्य एक ऐसी चीज है, जिसका पूरा परिवार आनंद ले सकता है. किसी को भी शर्मिंदा महसूस नहीं होती. हर तरह की गंदी भाषा का इस्तेमाल करना प्रतिबंध नही है.

प्रतिबंध में संशोधन की मांग

केंद्र सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा था कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता कीमती है, जिसकी रक्षा होनी चाहिए. लेकिन अश्लीलता को अगली पीढ़ी तक नही पहुचने दिया जाना चाहिए.

वही रणवीर इलाहाबादिया की ओर से पेश अभिनव चंद्रचूड़ ने कहा था कि इस प्रतिबंध के कारण केवल उनका खुद का नही बल्कि, उनके 280 कर्मचारियों के परिवार का जीवनयापन प्रभावित हो रहा है. समाज दर समाज, नैतिक मानक अलग-अलग हो सकते है. हमने खुद को अधिकारों की गारंटी दी है. लेकिन वे शर्तो के अधीन है. इंडियाज गॉट लेटेंट मामले में चल रहे केस में यूटुयूबर और पॉडकस्टर रणवीर इलाहाबादिया ने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल किया है.

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-भारत एक्सप्रेस 



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