सुप्रीम कोर्ट ने फिल्म Udaipur Files को लगी रोक को हटाने से फिलहाल इनकार कर दिया है. कोर्ट दायर याचिका पर 21 जुलाई को सुनवाई करेगा. कोर्ट ने फिल्म निर्माता व निर्देशक की ओर से पेश वकील गौरव भाटिया की मांग पर फिल्म निर्माता, निदेशकों और कन्हैया लाल के बेटे को सुरक्षा देने पर विचार करने को कहा है.
सुनवाई के दौरान भाटिया ने कहा फिल्म के निर्देशक और निर्माता को जान से मारने की धमकियां मिल रही है. जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने केंद्र सरकार से मामले पर जल्द फैसला लेने के लिए कहा है.
फिल्म पर बैन की मांग पर SC की टिप्पणी- पहले कमेटी का फैसला आने दें
मामले की सुनवाई के दौरान जमीयत-उलेमा-ए- हिंद की ओर से पेश वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि हाई कोर्ट के कहने पर जब मैंने फिल्म देखी तो, मैं हिल गया था. उन्होंने कहा कि मैं आमतौर पर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का पक्षधर हूं, लेकिन यहां मामला अलग है. यह एक ऐसी फिल्म है जो हिंसा को बढ़ावा देती है.
यह पूरे समुदाय का पूरी तरह से अपमान है. उन्होंने कहा कि यह अकल्पनीय है कि एक लोकतंत्र ऐसी फिल्म को दिखाने की अनुमति देगा. सिब्बल ने कहा कि यह नफरत पर आधारित एक स्पष्ट थीम वाली फिल्म है.
सिब्बल ने कहा कि किसी भी देश को इस तरह के एजेंडे की अनुमति नहीं देनी चाहिए. जिसपर वरिष्ठ वकील गौरव भाटिया ने कहा कि सिर काटने वाले वीडियो को एक करोड़ से ज्यादा बार देखा गया है, लेकिन तब कोई नहीं आया. हमने उन दृश्यों को धुंधला कर दिया है, क्योंकि फिल्म साम्प्रदायिक सद्भाव के लिए है.
जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि हमें बताया गया है कि एक समिति गठित कर दी गई है और सरकार इस पर विचार कर रही है. कोर्ट ने यह भी कहा कि हम इन मौलिक अधिकारों के मुद्दों को रोज देखते है, अगर इसे खारिज कर दिया जाता है तो दोनों याचिकाएं निष्फल हो जाएंगी. कोर्ट ने कहा कि जमीयत ने दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश के मुताबिक फिल्म पर रोक के लिए सरकार के पास आवेदन दिया है. सरकार की ओर से नियुक्त कमेटी इस अर्जी पर दोपहर ढाई बजे सुनवाई कर रही है.
सका इंतजार करना बेहतर होगा. कोर्ट ने सभी पक्षकारों से सरकार द्वारा गठित कमेटी के समक्ष अपनी बात को रखने के लिए कहा है. उदयपुर राजस्थान के एक 40 वर्षीय दर्जी कन्हैया लाल की 28 जून 2022 को मोहम्मद रियाज अत्तारी और गौस मोहम्मद ने हत्या कर दी थी.
फिल्म पर बैन की मांग तेज, मुस्लिम संगठनों ने जताया विरोध
बता दें हत्यारो ने हत्या का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर भी डाला था और यह भी बताया था कि गला रेतने का मकसद क्या है? कन्हैया लाल का सिर्फ इतना दोष था कि उन्होंने बीजेपी नेता नूपुर शर्मा के पैगंबर मुहम्मद के खिलाफ विवादास्पद बयान का समर्थन एक व्हाट्सएप ग्रुप में किया था.
जबकि जांच में पता चला कि वह पोस्ट उनके 8 वर्षीय बच्चे ने गलती से फॉरवर्ड कर दिया था. बता दें कि राजस्थान के उदयपुर में 2022 में ट्रेलर कन्हैयालाल की हत्या पर बनी फिल्म ‘उदयपुर फाइल्स’ 11 जुलाई को सिनेमाघरों में आने को तैयार है.
जमात-ए-इस्लामी समेत कई मुस्लिम संगठन फिल्म पर बैन लगाने की लगातार मांग कर रहे है. इसको लेकर राष्ट्रपति, मुख्यमंत्री तक को व्यापन दे चुके है.
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-भारत एक्सप्रेस
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