सीजेआई सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने चिराग हरिवंदन मोदी की याचिका को खारिज करते हुए कहा कि इसमें अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया है. याचिका में केंद्र सरकार को जाति जनगणना रोकने और जनसंख्या आधारित संसाधन नीति लागू करने के निर्देश देने की मांग की गई थी. कोर्ट ने इस तरह की भाषा को अनुचित बताते हुए सुनवाई से इनकार कर दिया.
सुप्रीम कोर्ट द्वारा याचिका खारिज
सुप्रीम कोर्ट ने जाति आधारित जनगणना को रोकने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया है. सीजेआई सूर्यकांत ने दाखिल जनहित याचिका में इस्तेमाल की गई भाषा को लेकर याचिकाकर्ता को फटकार लगाई है. सीजेआई सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या और जस्टिस विपुल एम पंचोली की पीठ ने याचिकाकर्ता को फटकार लगाई है. यह याचिका चिराग हरिवंदन मोदी की ओर से दायर किया था.
सीजेआई ने याचिकाकर्ता को फटकारा
सीजेआई सूर्यकांत ने जनहित याचिका में उपयोग में लायी गयी भाषा को बदतमीजी करार दिया है. सीजेआई ने याचिकाकर्ता को फटकार लगाते हुए कहा कि आपने अपनी याचिका में बदतमीजी की भाषा लिखी है. आपने अपनी याचिका में अभद्र भाषा लिखी है. आपने ऐसी बदतमीजी की भाषा किससे लिखवाई हैं. उन्होंने कहा कि इस पिटीशन में जिस भाषा का इस्तेमाल हुआ है, उसे आपने कहा से सीखा है? ये बदतमीजी की भाषा कहां से लेकर आते हैं आप लोग? कैसे याचिका लिखते है आप लोग.
दायर याचिका में कहा गया था कि केंद्र सरकार को प्रस्तावित जाति जनगणना पर रोक लगाई जाए. संसाधनों के पुनर्विभाजन को जनसंख्या के उत्तरदायित्व से जोड़ा जाए और एक बच्चे वाले परिवारों को आर्थिक तौर पर प्रोत्साहित करने के लिए नीतियां बनाने का निर्देश देने की मांग की गई थी.
कोर्ट का सुनवाई करने से इनकार
इससे पहले 2 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट ने 2027 की आम जनगणना में नागरिकों के जातिगत आंकड़ों को दर्ज करने, वर्गीकृत करने और सत्यापित करने के लिए अपने जाने वाली प्रक्रिया पर सवाल उठाने वाली एक अलग जनहित याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया था. बता दें कि जनवरी में गृह मंत्रालय ने स्पष्ट किया था कि देश में होने वाली जनगणना का काम दो हिस्सों में बांटा गया है.
जाति जनगणना दूसरे चरण के दौरान की जाएगी. जाति जनगणना दूसरे चरण के दौरान की जाएगी. सरकार के मुताबिक पहले चरण में मकानों की सूची बनाना और उनकी गणना करना शामिल होगा. जबकि दूसरे चरण में जाति जनगणना का काम किया जाएगा.
-भारत एक्सप्रेस
Written By: Shubhra Rai (Intern)
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