मध्य प्रदेश के दतिया से कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को सुप्रीम कोर्ट से राहत बरकरार रखने का आदेश मिला है. जस्टिस मनमोहन ने सुनवाई से खुद को अलग कर लिया, जिसके बाद मामला चीफ जस्टिस बी आर गवई के पास भेजा गया, जहां नई बेंच का गठन होगा.
कोर्ट ने अगली सुनवाई तक ट्रायल पर लगी रोक जारी रखी है. भारती ने मुकदमा किसी अन्य राज्य में ट्रांसफर करने की मांग की थी. पिछली सुनवाई में कोर्ट ने कहा था कि बचाव पक्ष के गवाहों पर दबाव और धमकी के आरोपों की जांच में राज्य ने उचित प्रक्रिया नहीं अपनाई.
वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने दलील दी थी कि गवाहों को डराया गया. कोर्ट ने राज्य को मामले की जड़ तक जाने को कहा, जबकि एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने दूसरी जांच का वादा किया.
भारती पर आरोप है कि दतिया के जिला सहकारी कृषि एवं ग्रामीण बैंक में अध्यक्ष रहते उन्होंने फर्जीवाड़ा कर एफडी रिन्यू कराईं और बैंक बंद होने के बाद पैसा निकाल लिया. यह मामला 2015 से ट्रायल कोर्ट में लंबित है. सुप्रीम कोर्ट का यह आदेश भारती के लिए राहतभरा है, लेकिन मामला अभी लंबित रहेगा.
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

