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सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान वकील की धमकी पर सख्त रुख, भड़के जज-दिया ये आदेश

सुप्रीम कोर्ट में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान एक वकील द्वारा आत्महत्या की धमकी देने पर अदालत ने कड़ा रुख अपनाया. जस्टिस अभय एस ओका और जस्टिस उज्ज्वल भुइयां की पीठ ने वकील को 7 मार्च तक लिखित माफी मांगने को कहा, अन्यथा कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी.

Supreme Court

सुप्रीम कोर्ट में दो वकीलों के बीच दर्ज आपराधिक मामले की सुनवाई के दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये पेश एक वकील द्वारा आत्महत्या की धमकी दिए जाने के बाद कोर्ट ने सख्त रुख अख्तियार किया है. इसपर जस्टिस अभय एस ओका और जस्टिस उज्ज्वल भुइयां की पीठ ने वकील से सात मार्च तक लिखित माफी मांगने को कहा है. कोर्ट ने कहा कि लिखित माफी नहीं मांगने पर परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहे.

कोर्ट ने दी सख्त चेतावनी

बता दें की मामले की सुनवाई के दौरान जैसे से ही वकील ने आत्महत्या की धमकी दी, ये सुन कर जस्टिस ओका हैरान हो गए. जस्टिस ओका ने याचिकाकर्ता से पूछा कि अदालत, बार काउंसिल और बार एसोसिएशन पहले ही आपसे माफी मांग चुके है तो आप ऐसा क्यों कहा रहे है? इसके जवाब में याचिकाकर्ता ने फिर कहा कि मैं आत्महत्या कर लूंगा, मीलॉर्ड जस्टिस ओका ने दोबारा पूछा कि वह ऐसा क्यों कहा रहे है, जबकि कोर्ट उनके पक्ष में फैसला सुनाने जा रहा है. आपकी मांग क्या है? आप चाहते क्या है? हम पहले ही दिन से इस तरह के अनुचित व्यवहार से निपट रहे है.

कोर्ट ने कहा अगर आप कोर्ट को धमकाएँगे तो हम आपके खिलाफ एफआईआर  करने का आदेश देंगे. हम बार के सदस्य द्वारा इस तरह के आचरण बर्दाश्त नही करेंगे. हम दो चीजों का आदेश देंगे, एक तो एफआईआर दर्ज करना और दूसरी बात यह कि यह गलत आचरण माना जाएगा. हम बार काउंसिल से आपके खिलाफ कार्यवाही शुरू करने और आपका रजिस्ट्रेशन निलंबित करने के लिए कहेंगे. बता दें कि कुमारन ने राघवेंद्रन नामक व्यक्ति के खिलाफ एक आपराधिक मामले में अदालत का रुख किया था. इस मामले में दोनों पक्षों की ओर से क्रॉस एफआईआर दर्ज की गई थी.

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-भारत एक्सप्रेस 



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