सुप्रीम कोर्ट
Temple Demolition Case: सुप्रीम कोर्ट ने मदुरै के अपार्टमेंट परिसर में बने मंदिर के ध्वस्तीकरण पर अंतरिम रोक लगा दिया है. यह याचिका विस्तारा रेजीडेंसी एसोसिएशन की ओर से याचिका दायर की गई है. जस्टिस उज्ज्वल भुइयां और जस्टिस मनमोहन की पीठ ने यह आदेश दिया है.
यह मंदिर विस्तारा रेजीडेंसी अपार्टमेंट के रहने वाले निवासियों द्वारा बनवाई गई है. आरोप है कि यह मंदिर अपार्टमेंट परिसर की ओपन स्पेस रिजर्वेशन भूमि पर बिना अनुमति के अवैध रूप से बनाया गया है.
मंदिर निर्माण को लेकर आरोप
मामले की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील ने कहा कि मद्रास हाईकोर्ट ने बिना उनका पक्ष सुने यह आदेश पारित किया है, लिहाजा सुप्रीम कोर्ट हाई कोर्ट के फैसले पर रोक लगाए. जिसके बाद कोर्ट ने अंतरिम रोक लगाते हुए संबंधित पक्ष को नोटिस जारी किया है. कोर्ट 8 सप्ताह बाद इस मामले में अगली सुनवाई करेगा.
बता दें कि मद्रास हाई कोर्ट ने द्वारा दिए गए फैसले के खिलाफ यह याचिका दायर की गई है. हाई कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि अपार्टमेंट ऑनर्स एसोसिएशन कोई लाइसेंस या अनुमति प्रस्तुत नहीं कर पाई, जिससे यह साबित हो कि मंदिर का निर्माण बिना अनुमति की किया गया, इसलिए यह अवैध हैं.
मद्रास हाईकोर्ट के जस्टिस एस. एम. सुब्रमण्यम ने.मदुरै नगर निगम के अधिकारियों को आदेश दिया था कि वे चार सप्ताह के भीतर मंदिर को ध्वस्त करें और उस भूमि को तमिलनाडु टाउन एंड कंट्री प्लानिंग एक्ट 1971 के प्रावधानों के अनुसार बनाए रखा जाना चाहिए.
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-भारत एक्सप्रेस
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