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सुप्रीम कोर्ट ने डीजीपी के पद पर नियुक्ति से संबंधित मामले में दायर अवमानना याचिका पर तीन सदस्यीय पीठ सुनवाई करेगी

पिछली सुनवाई में कोर्ट ने केंद्र सरकार, झारखंड सरकार और डीजीपी अनुराग गुप्ता से जवाब मांगा था. सुप्रीम कोर्ट झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई कर रहा है.

Supreme Court
Edited by Radha Priya

Supreme Court ने डीजीपी के पद पर नियुक्ति से संबंधित मामले में दायर अवमानना याचिका पर तीन सदस्यीय पीठ सुनवाई करेगी. सीजेआई बीआर गवई और जस्टिस के विनोद चंद्रन की पीठ ने कहा कि इस मामले में तीन जजों की पीठ सुनवाई कर रही है, लिहाजा वही बेंच सुनवाई करेगी. एक एनजीओ की ओर से पेश वरिष्ठ वकील अंजना प्रकाश की दलील सुनने के बाद कोर्ट ने यह आदेश दिया है.

पिछली सुनवाई में कोर्ट ने केंद्र सरकार, झारखंड सरकार और डीजीपी अनुराग गुप्ता से जवाब मांगा था. सुप्रीम कोर्ट झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई कर रहा है.

मरांडी ने दायर याचिका में कहा है कि नए नियमों के तहत संघ लोक।सेवा आयोग (यूपीएससी) की भूमिका को समाप्त कर दिया गया है, जबकि पहले राज्यों में डीजीपी की नियुक्ति यूपीएससी द्वारा चयनित वरिष्ठ अधिकारियों की पैनल सूची के आधार पर होती थी.

पिछली सुनवाई में कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा था कि सरकार कानून अपने हाथ में ले रही है. याचिका में कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट ने 22 सितंबर 2006 को दिए गए अपने आदेश में यह कहा था कि राज्य सरकार डीजीपी के पद पर प्रोन्नत होने वाले अधिकारियों की सूची लोक सेवा आयोग को भेजेगी. आयोग द्वारा तैयार पैनल से सरकार किसी को डीजीपी के पद पर नियुक्त करेगी.

नियुक्ति की तिथि से डीजीपी का कार्यकाल दो साल के लिए होगा, भले ही उसके सेवानिवृत्ति की तिथि पहले हो डीजीपी की नियुक्ति पूरी तरह मेरिट के आधार पर होगी. इसमें किसी तरह का दबाव या प्रभाव का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा.

अनुराग गुप्ता की डीजीपी नियुक्ति पर उठे सवाल

बता दें कि झारखंड सरकार ने अब डीजीपी की नियुक्ति के लिए नई नियमावली बनाई है. इसके तहत नॉमिनेशन कमेटी बनाई गई है. इसी समिति ने अनुराग गुप्ता के नाम पर मुहर लगाई. इसके बाद उन्हें स्थाई डीजीपी बनाया गया है.

याचिका में कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट ने 22 सितंबर 2006 को दिए गए अपने आदेश में यह कहा था कि राज्य सरकार डीजीपी के पद पर प्रोन्नत होने वाले अधिकारियों की सूची लोक सेवा आयोग को भेजेगी. आयोग द्वारा तैयार पैनल में से सरकार किसी को डीजीपी के पद पर नियुक्त करेगी. अनुराग गुप्ता के मामले में झारखंड सरकार द्वारा ऐसा नही किया गया और यूपीएससी को नाम भेजे परमानेंट डीजीपी बना दिया था.

ये भी पढ़ें- ओबीसी कोटे में उप-श्रेणियां जोड़ने के फैसले को लेकर दायर पश्चिम बंगाल सरकार की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट 28 जुलाई को करेगा सुनवाई

-भारत एक्सप्रेस



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