TMC प्रवक्ता साकेत गोखले
तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद साकेत गोखले ने पूर्व राजनायिक लक्ष्मी मुर्देरी पुरी के साथ मानहानि का मामला निपटाने की इच्छा व्यक्त की, लेकिन पुरी ने इस मुद्दे पर समझौता करने से इनकार कर दिया. न्यायमूर्ति पुरुषेंद्र कुमार कौरव ने इसके बाद दोनों पक्षों को सुनकर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया.
इस मामले में गोखले को सोशल मीडिया पर मांफी मांगने एवं 50 लाख रुपए का हर्जाना देने का निर्देश दिया गया है. इसी आदेश को वापस लेने का अनुरोध गोखले ने किया है और पुर्नविचार याचिका दाखिल की है. यह आदेश 1 जुलाई, 2024 का है. गोखले के वकील ने कोर्ट से कहा कि उनके मुवक्किल के पास पैसा नहीं है.
इसको लेकर अदालत उदार दृष्टिकोण अपना सकती है. उसपर लगे 50 लाख रुपए की हर्जाने की राशि वापस ले लिया जाए. अगर किसी भी राशि का भुगतान किए बिना समझौते की संभावना है, तो मेरा मुवक्किल उस प्रस्ताव का लाभ उठाने के लिए तैयार है.
पुरी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मनिंदर सिंह ने समझौते के प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया और कहा कि गोखले ने बिना किसी आधार के उनके खिलाफ झूठी बयानबाजी की है. पुरी ने वर्ष 2021 में कोर्ट का रूख करते हुए कहा था कि गोखले ने जिनेवा में उनके अपार्टमेंट को लेकर आधारहीन एवं झूठे आरोप लगाकर उनकी प्रतिष्ठा को धूमिल किया है.
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-भारत एक्सप्रेस
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