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भीड़ का हिस्सा होने पर पुलिस राहगीरों को नही गिरफ्तार कर सकती है- दिल्ली हाई कोर्ट

दिल्ली हाई कोर्ट ने तुर्कमान गेट फैज-ए-इलाही मस्जिद हिंसा मामले में साजिद इकबाल की अग्रिम जमानत पर सख्त टिप्पणी की है. कोर्ट ने कहा कि सिर्फ भीड़ का हिस्सा होने पर आम लोगों को गिरफ्तार नहीं किया जा सकता है.

Sushant Rohilla case, Delhi High Court

दिल्ली के तुर्कमान गेट स्थित फैज-ए-इलाही मस्जिद हिंसा मामले में कथित आरोपी साजिद इकबाल की अग्रिम जमानत पर दिल्ली हाई कोर्ट ने सख्त टिप्पणी की है. दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा कि आम लोगों को गिरफ्तार नही किया जा सकता है. पत्थरबाजी करने वाली भीड़ का हिस्सा होने के कारण राहगीरों को गिरफ्तार नही किया जा सकता.

जस्टिस प्रतीक जलान ने यह टिप्पणी की है. हाई कोर्ट दिल्ली पुलिस से स्टेट्स रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है. कोर्ट अगले सप्ताह मामले में अगली सुनवाई करेगा. कोर्ट दिल्ली पुलिस से कहा कि जिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर गिरफ्तार करना चाहती है, उससे संबंधित डिटेल जानकारी स्टेट्स रिपोर्ट के माध्यम से दाखिल करें.

पुलिस का दावा है कि आरोपी ने बैरिकेट हटाकर भीड़ को उकसाया है. यह गहरी साजिश का हिस्सा है, जिसकी जांच पुलिस कर रही है. मामले की सुनवाई के दौरान आरोपी की ओर से पेश वकील ने घटना का एक वीडियो अदालत को दिखाया. इसपर कोर्ट ने पुलिस से विडियो को सही टाइम स्टैम्प के साथ रिकॉर्ड पर लाने को कहा है. अदालत ने यह भी कहा कि याचिकाकर्ता भले ही भीड़ का हिस्सा क्यों न हो, अशांति में उसकी भूमिका पर विचार किया जाना है. कोर्ट ने कहा हिंसा को भड़काते हुए अगर दिख रहा है, तो आप सही है. लेकिन अगर बस वहां से सिर्फ गुजर रहा है तो पुलिस का दावा गलत है.

आरोपी ने खुद को भीड़ का हिस्सा नहीं बताया

याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील ने कोर्ट को बताया कि वह पथराव करने वाली भीड़ का हिस्सा नही था. उन्होंने यह भी कहा कि साजिद इकबाल अपने रिश्तेदार के घर से लौट रहा था, तभी उसे धक्का देकर भीड़ में.घकेल दिया गया.बतादें कि निचली अदालत ने 21 जनवरी को साजिद इकबाल की ओर से दायर अग्रिम जमानत याचिका को यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि जांच अभी शुरुआती दौर में हैं.

पुलिस के मुताबिक ये धाराएं हिंसा, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान और कानून व्यवस्था बिगाड़ने से जुड़े अपराधों को ध्यान में रखकर लगाई गई हैं. अब तक की जांच में पता चला है कि इस हिंसा में स्थानीय लोगों के साथ-साथ कुछ बाहरी लोग भी शामिल थे. पुलिस को इस मामले में एक दो राजनीतिक लोगों के बारे में भी जानकारी मिली है. पुलिस ने दो से तीन लोगों की पहचान भी कर ली है, जिन पर हिंसा भड़काने का आरोप है.

हालांकि पुलिस ने फिलहाल इनके नाम बताने से इनकार कर दिया है. बताया जा रहा है कि पुलिस के पास ऐसे 400 से ज्यादा वीडियो हैं, जिनकी जांच की जा रही हैं. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद सभी दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.

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-भारत एक्सप्रेस



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