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उन्नाव रेप मामले में दोषी कुलदीप सेंगर को दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ा झटका, पीड़िता के पिता की मौत मामले में जमानत याचिका खारिज

उन्नाव रेप कांड में आरोपी और बीजेपी से निष्कासित पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को दिल्ली हाई कोर्ट से बड़ा झटका लगा है. कोर्ट ने पीड़िता के पिता की हिरासत में मौत के मामले में सजा निलंबन और जमानत देने से इनकार कर दिया.

उन्नाव रेप मामले में बीजेपी से निष्कासित विधायक और आरोपी कुलदीप सिंह सेंगर को दिल्ली हाई कोर्ट से झटका लगा है. कोर्ट ने हिरासत में पीड़िता के पिता की हुई मौत के मामले में जमानत देने से इनकार कर दिया है. कोर्ट ने सजा के निलंबन करने की मांग करते हुए जमानत की गुहार लगाई थी. जस्टिस रविन्द्र डुडेजा ने यह आदेश दिया है

कोर्ट ने कहा कि सेंगर के आपराधिक रिकॉर्ड को देखते हुए उन्हें इस मामले में जमानत नहीं दी जा सकती है. अदालत ने अपने फैसले में कहा कि यदि दोषसिद्धि के विरुद्ध अपील पर शीघ्रता से फैसला किया जाता है तो उनके हित में होगा. अदालत ने यह भी कहा कि सेंगर 10 साल की कुल सजा में से लगभग 7.5 साल हिरासत में बिता चुके है और इस मामले में दोषसिद्धि के विरुद्ध उनकी अपील पर फैसला होने में देरी हुई है, जिसका आंशिक कारण सेंगर द्वारा कई याचिकाएं दायर करना है.

मामले की सुनवाई के दौरान रेप पीड़िता की ओर से पेश वकील.महमूद प्राचा ने दलील दी थी कि कुलदीप सिंह सेंगर जमानत के हकदार नहीं है. क्योंकि पीड़िता और उसके परिवार को खतरा है. उसे सोशल मीडिया पर परेशान किया जा रहा है और उसपर आरोप लगा कर बदनाम किया जा रहा है.

सेंगर की जमानत याचिका खारिज

बता दें दिल्ली हाई कोर्ट ने उन्नाव रेप पीड़िता के पिता की हिरासत में मौत के मामले में कुलदीप सिंह सेंगर की स्वास्थ्य के आधार पर सजा को निलंबित करने और जमानत की मांग की थी. जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया है. मामले की सुनवाई के दौरान सीबीआई की ओर से पेश वकील ने कोर्ट को बताया था कि कुलदीप सेंगर की हाई कोर्ट ने जून में सजा निलंबित करने की मांग को खारिज कर चुका है. जिसपर सेंगर की ओर से पेश वकील ने कहा था कि स्वस्स्थ्य के आधार पर सजा को निलंबित करने की मांग कर रहे हैं. इससे पहले स्वस्स्थ्य के आधार पर सजा को निलंबित करने की मांग नही की गई थी. सेंगर के वकील ने यह भी कहा था कि उन्होंने ट्रायल कोर्ट के आदेश को चुनौती दे रखी है, जिसपर लंबे समय से सुनवाई नही हो पाई है. सेंगर करीब 8 साल से जेल में बंद है. जबकि इस मामले में अधिकतम 10 साल की सजा का प्रावधान है.

ज्ञात हो कि कुलदीप सिंह सेंगर पर आरोप है कि साल 2017 में पीड़ित का अपहरण कर उससे बलात्कार करने का दोष साबित हुआ था. घटना के समय पीड़ित नाबालिग थी. 13 मार्च 2020 को निचली अदालत ने कुलदीप सिंह सेंगर को बलात्कार पीड़िता के पिता की हिरासत में मौत के मामले में 10 साल की कठोर सजा और 10 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया था. निचली अदालत ने फैसला देते हुए कहा था कि परिवार के एक मात्र कमाने वाले कि हत्या के लिए कोई नरमी नही बरती जा सकती.

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-भारत एक्सप्रेस



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